कमलनाथ का दाँव: सीताराम प्रेम से BJP के हाथ से फिसलता हिन्दुत्व का एजेंडा

 

भोपाल: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ (Kamalnath) के बारे में एक बात अक्सर कही जाती है कि जहाँ से लोग सोचना बंद कर देते हैं वहां से वो सोचना शुरू करते हैं। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि (Death Anniversary Of Mahatama Gandhi) के मौके पर भोपाल के मिंटो हॉल में हनुमान चालीसा (Hanuman Chalisa) के सवा करोड़ जाप एक साथ कराए जाने के आयोजन में यह बात पूरी तरह से सही साबित होती दिखाई दे रही है। भारतीय जनता पार्टी जहां अपनी पूरी राजनीति भगवान श्री राम को केन्द्र में रखकर करती रही है, वहीं कमलनाथ ने सीता माता और राम भक्त हनुमान का हाथ अपने संकट निवारण के लिए पकड़कर सभी को चौंका दिया है। श्रीलंका में माता सीता के भव्य मंदिर के निर्माण पर तेजी से अमल करने की तैयारी हो चुकी है। शिवराज सिंह चौहान अपने मुख्यमंत्रित्व काल में इसे अमली जामा नहीं पहना पाए थे। महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर हनुमान चालीसा के आयोजन पर राज्य के विधि मंत्री पीसी शर्मा का तर्क है कि दोनों ही (हनुमान और गांधी) दोनों की राष्ट्रभक्ति समान थी। गोडसे की गोली लगने पर महात्मा गांधी ने सिर्फ 'हे राम' ही कहा था।

 महात्मा गांधी और हनुमान जी के मेल पर पंडित विजय शंकर मेहता ने सत्य, अहिंसा और राष्ट्र भक्ति को मुख्य आधार बताया। जाहिर तौर पर कार्यक्रम को गैर राजनीतिक स्वरूप देने की कोशिश जरूर की गई। भाजपा नेताओं को ट्वीट के जरिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने न्योता भी दिया। लेकिन, कोई भाजपा का नेता या कार्यकर्ता दिखाई नहीं दिया। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंच पर रखी कुर्सी पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ किया। पंडित मेहता ने कार्यक्रम पर कहा कि मैं साल में आठ-नौ कार्यक्रम करता हूं, लेकिन इस महानिर्वाण को लेकर जो उत्सुकता लोगों में दिखाई दी, वैसी पहले कभी नहीं देखी गई। मेहता ने कहा कि 56 देशों में लोगों ने सीधे प्रसारण के जरिए हनुमान चालीसा का पाठ किया।

हनुमान चालीसा के सवा करोड़ जाप के कार्यक्रम को महानिर्वाण नाम दिया गया। मंच की साज-सज्जा भव्य थी। मिंटो हॉल रंगीन रोशनी में जगमगाया हुआ था। मंच पर लगाए गए बैनर पर पंडित विजय शंकर मेहता के साथ हनुमान भक्त कमलनाथ की फोटो लगी हुई थी। छिंदवाड़ा के विशाल हनुमान का चित्र भी मंच में लगाया गया था। मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद को हनुमान भक्त बताने पर गर्व प्रकट करते हुए कहा कि हनुमान जी की मुझ पर अपार कृपा रही है।

भाजपा न निगल पा रही, न पचा पा रही

मुख्यमंत्री कमलनाथ की पहल पर आयोजित किए गए सवा करोड़ हनुमान चालीस के जप पर भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष राकेश सिंह कहते हैं कि कांग्रेस इस तरह के आयोजन से जनता को भ्रमित करने में सफल नहीं हो पाएगी। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी चुप नहीं रहे, उन्होंने कहा कि दुनिया की कोई ताकत सीएए को लागू करने से नहीं रोक सकती है, चौहान ने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना भगवान श्रीराम और गृहमंत्री अमित शाह की तुलना हनुमान से करते हुए कहा कि ये किसी से डरते नहीं कमलनाथ सरकार नेे अपने पिछले चौदह माह के कार्यकाल में भारतीय जनता या राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को एक भी ऐसा मुद्दा नहीं दिया है, जिसके आधार पर अल्पसंख्यक तुष्टिकरण का आरोप लगाया जा सके, इसके उलट पुजारियों और मंदिरों के विकास के काम को कमलनाथ सरकार ने तेजी दी है।

 

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