महिला दिवस : लगता है मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार से एक दिन का ढोंग भी ठीक तरह से नहीं हो पाया…

महिला दिवस : लगता है मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार से एक दिन का ढोंग भी ठीक तरह से नहीं हो पाया…

भोपाल/राज राजेश्वरी शर्मा:  प्रदेश की राजधानी में आज फॉर द वुमन, बाय द वुमेन, ऑफ द वुमन की तर्ज पर काम चल रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर प्रदेश सरकार एक तरफ महिलाओं को हर तरह से महत्व दे रही है। जैसे गृहमंत्री की कुर्सी पर महिला को बैठाना, आज का कार्यभार महिला को सौंपना, सभी कार्य मे महिलाओं को प्राथमिकता देना, पुरुषों की अकड़ निकालने के लिए कदम उठाना। 
वहीं दूसरी तरफ महिला दिवस पर महिलाएं अपने अधिकारों के लिए  बीजेपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही है लेकिन उन्हें अंदर तक नहीं जाने दिया जा रहा है। 
ये कैसा महिला दिवस मनाया जा रहा है? यह मामला प्रदेश सरकार के दिखावे और सच्चाई के अंतर को साफ दर्शा रहा है। 2018 भर्ती प्रक्रिया की मांग को लेकर चयनित शिक्षिकाएं बीजेपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन कर रही है। 

लगता है सरकार से एक दिन का ढोंग भी ठीक तरह से नहीं हो पाया। वो कहते है ना कि सच्चाई ज़्यादा समय तक छुप नही सकती ठीक वैसे ही महिला दिवस पर प्रदेश में महिलाओं की स्थिति साफ नजर आ गयी। 
यहां सरकार सिर्फ ढोंग करती है कि वह महिलाओं के प्रति समर्पित है। पर असल मे वह इन मुद्दों पर ध्यान भी नही देती। 
महिला दिवस के दिन जब महिलाओं की ऐसी स्थिति उजागर हो रही है तो बाकी दिनों में महिलाओं को न जाने किन-किन समस्याओं से जूझना पड़ता होगा।  कई बार तो स्थिति सामने भी नही आती होगी और अगर ऐसी स्थिति सामने आती भी है तो सरकार  की पहले से ही नज़रन्दाज़गी कि आदत है। 
जब आज महिला दिवस पर ही सरकार महिलाओ की समस्याओं का समाधान नही कर पा रही तो हम सरकार से आम दिनों में महिलाओं की समस्या के समाधान की उम्मीद कैसे कर सकते है?

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