
प्रदेश में राजनीतिक सरगर्मियां तेज है क्योंकि मध्यप्रदेश में 2 सीटों पर उपचुनाव होने वाले हैं।इन दोनों सीटों पर कांग्रेस की निगाहें टिकी हुई है क्योंकि अगर यह 2 सीट पार्टी जीत जाती है तो वह पूर्ण बहुमत से मध्य प्रदेश सरकार में आएगी और उसे किसी सहयोगी दल की जरूरत नहीं होगी। आगर विधानसभा से भाजपा विधायक मनोहर ऊंटवाल का के निधन के बाद यह सीट खाली हो गई है। इससे पहले जोरा विधानसभा से कांग्रेस विधायक बनवारीलाल शर्मा का भी बीते महीने निधन हो गया था। जिसके बाद से दोनों सीट खाली है।
हाल ही में झाबुआ उपचुनाव में कांग्रेस पार्टी की जीत हुई थी। जिसके बाद कांग्रेस के विधायकों की संख्या 115 हो गई थी लेकिन बनवारी लाल शर्मा के निधन के बाद फिर से यह संख्या 114 पर अटक गई है। जिसके बाद से कांग्रेस जोरा और आगर विधानसभा उप चुनाव जीतना चाहती है और अगर कांग्रेस यह दोनों सीट जीत जाती है तो उनके पास बहुमत का आंकड़ा आ जाएगा। वहीं विपक्षी पार्टी भाजपा अगर यह दोनों सीट जीत जाती है तो उसकी विधानसभा में विधायकों की संख्या 109 हो जाएगी।
बात अगर जोरा विधानसभा क्षेत्र की जाए तो यहां से कांग्रेस बनवारी लाल शर्मा के सुपुत्र को टिकट देने का मन बना रही है। वहीं जोरा विधानसभा क्षेत्र के लिए ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रतिष्ठा पर दाव लगा हुआ है। आगर विधानसभा क्षेत्र की जिम्मेदारी दिग्विजय सिंह के सुपुत्र जयवर्धन सिंह पर होगी।
वहीं प्रदेश की विपक्षी पार्टी भाजपा ने भी इस उपचुनाव के लिए अपनी कमर कस ली है। क्योंकि हाल ही में जोरा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने चुनावी दौरा किया था।