शराबबंदी पर बवाल : उमा भारती का "शिव" को पत्र, कहा कोई गलतफहमी ना हो…. 

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – शराबबंदी को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती ने शिवराज सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया हैं। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह को इस विषय पर एक पत्र लिखा हैं। 

उमा भारती ने पत्र में लिखा कि शराबखोरी से गरीबों की जिंदगी तबाह हो रही हैं। जिसके लिए प्रदेश में यह मुहिम चलाना आवश्यक हैं। इसके साथ ही साथ उन्होंने कहा कि कोई गलतफहमी ना हो। इसके लिए पत्र को सार्वजनिक किया जा रहा हैं। 

उमा भारती ने आगे लिखा कि इस मुहिम में राजनीतिक वक्तव्य नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही साथ सरकार पर अनुचित जवाब बनाने की चेष्टा भी किसी को नहीं करनी हैं। यह मुहिम इसलिए है ताकि लोग खुद ही नशे का त्याग करें। वहीं, अपने पत्र में महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए उमा भारती ने लिखा कि गांधी की कल्पना में शराबबंदी भी थी पर प्रयास करने के बाद भी देश इसमें सफल नहीं हो पाया हैं। 

इस से पहले उमा भारती ने शराबबंदी को लेकर अपनी आगामी योजनाओं का खुलासा उन्होंने ट्विटर पर किया था।

उमा भारती ने ट्वीट करते हुए बताया था कि – नशा मुक्ति अभियान के लिये मुझे मेरी सहयोगी मिल गई है। खुशबू नाम की यह युवती मध्यप्रदेश की है तथा वह उत्तराखंड में मेरे गंगा प्रवास में शामिल होने आई थी। मैंने उसमें निष्ठा और साहस दोनों देखे तभी उसी समय उसका नाम गंगा भारती हो गया था। मैंने गंगा को 8 मार्च को महिला दिवस पर शराब एवं नशामुक्ति अभियान प्रारंभ करने की तैयारी करने के लिये कहा हैं। आगे का विवरण वह स्वयं आप सबको पांच दिन बाद बतायेंगी। 

गौरतलब है कि शराबबंदी, शराब दुकानें बढ़ाए जानें और शराब की ऑन लाइन बिक्री के प्रस्तावों की चर्चा के बाद से ही प्रदेश में बवाल मचा हुआ हैं। इस मामले को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों आमने सामने हैं। कोई शराब दूकान बढ़ाने की पक्ष में है तो कोई इसे ख़त्म करने की बात कर रहा हैं। 

 

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