
भोपाल/खाईद जौहर – मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की फायर ब्रांड नेत्री उमा भारती ने शनिवार को बड़ा बयान दिया, जिसके बाद से प्रदेश में सियासी घमासान शुरू हो गया है। दरअसल, मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि शिवराज जी और वीडी शर्मा जी का मानना है कि जागरूकता अभियान से शराबबंदी की जा सकती है। लेकिन मेरा माना है कि यह बिना लट्ठ के नहीं होगा।
उमा भारती के इस बयान के बाद से प्रदेश में हलचल तेज़ हो गई है। इसके अलावा कांग्रेस भी उनके समर्थन में उतर आई है। हमेशा अपने बयानों से सु्र्खियों में रहने वाले कांग्रेस विधायक और दिग्विजय सिंह के छोटे भाई लक्ष्मण सिंह ने भी उनका समर्थन किया है। लक्ष्मण सिंह ने ट्वीट कर लिखा की “शराबबंदी”पर राजनीति फिर शुरू हो गई है, लोगों का असफलताओं से ध्यान हटाने वाली! अच्छा होगा अगर नेतागण भू माफिया के विरुद्ध मोर्चा खोलें। मैं लट्ठ लेकर आपके साथ चलने को तैयार हूं और लाखों गरीब भी साथ हो जायेंगे। क्या आप तैयार हैं?
बता दे कि उमा भारती ने पहले भी शराबबंदी के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की थी, उस दौरान भी उन्हें कांग्रेस का समर्थन मिला था। लेकिन बाद में उन्होंने यू टर्न ले लिया। अब मप्र राज्यसभा चुनावों और उपचुनावों की हलचल के बीच एक बार फिर उमा ने शराबबंदी का मोर्चा खोल चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया है।
मालूम, शनिवार को मीडिया से चर्चा के दौरान उमा भारती ने कहा कि मैं 15 जनवरी तक लोकतंत्र का पालन करूंगी। शराबबंदी के लिए जागरूकता अभियान से काम चलाऊंगी। यदि फिर भी लोग नहीं माने तो सड़क पर उतर जाऊंगी। मैं अभी गंगाजी को गंगा सागर छोड़कर आऊंगी, तब तक मध्य प्रदेश में जागरुकता अभियान चलेगा। मध्य प्रदेश में 15 जनवरी 2022 के बाद शराब बंदी लागू होकर रहेगी, यही गंगा सागर से तय करके आऊंगी।
वहीं, यह पहला मौका नहीं था जब कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने बीजेपी को सपोर्ट किया हो, इसके पहले भी वे कई बार भाजपा नेताओं और सरकार के फैसलों का खुलकर समर्थन कर चुके है।