सिवनी में ज्वेलर्स के यहां हुई लाखों की चोरी, जांच में हुआ बड़ा खुलासा, जबलपुर का आबकारी अधिकारी ही निकला मास्टरमाइंड

जबलपुर/प्रियंक केशरवानी:-मध्य प्रदेश के जबलपुर में पदस्थ एक सहायक आबकारी अधिकारी ने सरकारी वाहन का उपयोग करते हुए सिवनी के एक ज्वेलर्स के घर में साथियों के साथ मिलकर चोरी की और चोरी का माल जबलपुर के एक सराफा व्यापारी को बेच दिया. इस मामले का खुलासा तब हुआ जब चोरी की वारदात में शामिल एक चोर को पुलिस ने पकड़ा. बता दें कि पकड़े गये आरोपी ने सारा मामला पुलिस के सामने बयां कर दिया, जिसके बाद पुलिस ने जबलपुर के सहायक आबकारी अधिकारी, एक पूर्व सैनिक समेत आठ लोगों को इस मामले में गिरफ्तार कर लिया है. वहीं दो चोर और जेवर खरीदने वाला सराफा व्यापारी फरार है.जानकारी के अनुसार आरोपी सहायक आबकारी अधिकारी राजेश चौधरी जबलपुर आबकारी डिपो का प्रभारी है और वह पूरी चोरी का मास्टरमाइंड है. पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सिवनी के बंडोल में 8 अक्टूबर की रात सराफा व्यापारी अशोक साहू के घर लाखों रुपए के आभूषण और नकदी की चोरी हुई थी. व्यापारी ने 4 लाख 49 हजार रुपए समेत 780 ग्राम सोने के जेवर की चोरी की रिपोर्ट लिखवाई थी।
बताया जा रहा है कि राजेश चौधरी और अमित सिकरवार को डूंडा सिवनी निवासी राधेश्याम टेम्भरे ने व्यापारी के पास लाखों के जेवरात और नकदी की जानकारी दी थी. इसके बाद तीनों ने मिलकर डिंडौरी जिले के शहपुरा के भीमपार गांव निवासी धर्मेंद्र सैयाम से संपर्क किया और साथ में मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया. धर्मेंद्र सैयाम पर पहले से चोरी के कई मामले दर्ज हैं, कुछ साल तक धर्मेंद्र जेल में भी रहा है।
वहीं इन शातिर चोरों से जबलपुर के सराफा व्यापारी गोलू सराफ ने चोरी का माल खरीदा था, जो किसी विधायक का रिश्तेदार बताया जा रहा है. पुलिस उसकी तलाश कर रही है. सिवनी पुलिस ने चोरी से करीब 27 लाख 55 हजार रुपए और कुछ जेवर बरामद किए हैं, जबकि फरियादी अशोक साहू ने 4 लाख 49 हजार रुपए नकद चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी. पुलिस इसकी भी जांच कर रही है कि कहीं और भी चोरी इन लोगों ने तो नहीं की है।
पुलिस के अनुसार डिंडोरी का शातिर चोर धर्मेंद्र सैयाम चोरी करने के लिए अकेला शटर तोड़कर मकान में घुसा था, जबकि सहायक आबकारी अधिकारी राजेश चौधरी सहित अन्य लोग मकान के बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहे थे. इस दौरान धर्मेंद्र ने चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद लगभग दो लाख रुपए घर के पीछे बने एक खेत में छुपा दिए थे।




