सिंधिया के नक़्शे कदम पर चलते दिख रहें है के.पी. सिंह कक्काजू 

सिंधिया के बाद अब के.पी. सिंह कक्काजू भी सिंधिया के रास्ते दिखते नजर आ रहें हैं , बता दें कि पिछोर से विधायक और पूर्व मंत्री के.पी. सिंह कक्काजू ने अभी अपने हालिया फेसबुक प्रोफाइल में एक शायरी के माध्यम से नई तस्वीर पेश की है| जिसे आज के सोशल मीडिया सेगमेंट से जोड़कर भी देखा जा रहा है| पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया तो उसके बाद इमरती देवी का अपने प्रोफाइल से अपना मूल पद हटाने से जुड़ा हुआ है|

के.पी. सिंह ने एक शायरी लिखी कि “जहां कदर ना हो अपनी वहां रहना फिजूल है, चाहे किसी का घर हो या चाहे किसी का दिल” यह शेरो शायरी वाला फेसबुक पर अपलोड किया फोटो ऐसे समय में आ रहा है , जब आज कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का ट्विटर पर अपनी पहचान कांग्रेसी इतर बताना  और इसके बाद से ही भाजपा व कांग्रेस में जुगलबंदीयों का दौर एक बार फिर से शुरू हो चुका है|

आपको बतादें की कुछ समय पहले भी कक्काजू मंत्री पद नहीं मिलने पर खुले मंचों से नाराजगी जताई थी| हलाकि अभी इनके इस बदलते अंदाज में उस नाराजगी को नजर अंदाज करना कांग्रेस के लिए घातक साबित हो सकती है | जहां कांग्रेस के बड़े मंत्री सिंधिया के इस कदम को उनका निजी फैसला और एक सामान्य प्रोसेस बता रहे हैं , तो वहीं भाजपा के बड़े नेता यह कह रहे हैं कि सिंधिया का कांग्रेस में अपमान हो रहा है उनको उनके मुताबिक सम्मान नहीं दिया जा रहा है|

हलाकि की वजह जो भी हो किंतु ट्विटर पर भी जा कर देखिए तो वहां पर “मध्य प्रदेश मामाजी वापस आ रहें हैं” और “ज्योतिरादित्य सिंधिया” ही ट्रेंड कर रहे हैं इसका मतलब साफ है कि आने वाले समय में कमलनाथ सरकार व प्रदेश कांग्रेस कमेटी में कुछ बड़ा होने की संभावना जताई जा सकती है| द लोकनीति की पूरी नजर इस सारे राजनीतिक घटनाक्रम पर लगातार लगी हुई है और हम लगातार आप तक ख़बरें पहुंचाते रहेंगे आप बने रहें द लोकनीति से|

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