
किसान आंदोलन: सरकार से सातवें दौर की बातचीत खत्म, सरकार से किसान नेताओं की दो टूक
नई दिल्ली/राजकमल पांडे। कृृृषि कानून के विरोध में दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसानों से सरकार की आज सातवें दौर की बातचीत समाप्त हो गई है. पर आज भी बातचीत का दौर बेनतीजा ही निकला है. किसान नए कृषि कानूनों को वापस लेने में अडे हुए हैं तो वहीं सरकार नए कृषि कानून बिल पर संषोधन की बात कह रही है. सरकार के तरफ से यह बात हुई कि वह एमएसपी पर सारी बातें मानने को तैयार है, तथा किसानों से उन्होंने कहा कि आप बातचीत करें और अपनी मांगे रखें. किसान की तरफ से बातचीत की अगली बैठक 8 जनवरी को रखी गई है.
किसान नेता राकेश टिकैत की सरकार को दो टूक
किसान नेता राकेश सिंह टिकैत ने कहा कि मुख्य रूप से तीन कानूनों के संबंध में चर्चा हुई. और हमारी मांग इन कानूनों को निरस्त करनें की है, हम समिति गठित करनें जैसे किसी अन्य विकल्प पर सहमत नही होंगे. बातचीत के दौरान टिकैत ने कहा कि विरोध प्रदर्षन समाप्त करने और हमारे घरों को लौटने के लिये उन्हें कानून वापस लेना होगा.
आपको बता दें कि हरियाणा, पंजाब और पष्चिमी उत्तरप्रदेश से लगभग लाखों की संख्या में किसान कृषि कानूनों को वापस लेने हेतु महीनों से दिल्ली की सीमा पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. और मौसम के हिसाब से देखा जाए तो दिल्ली में इन दिनों काफी ठंड होती है बावजूद इसके दिल्ली की सीमा पर किसान डटे हुए हैं.