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खरगोन से लोकेश कोचले की रिपोर्ट:-पूरे विश्व भर में कोरोना वायरस का खतरा तेजी से बढ़ता ही जा रहा है अब यह कोरोनावायरस विश्वव्यापी महामारी का रूप धारण कर चुका है. ऐसे में कोरोनावायरस से बचने के लिए लोग निरंतर मास्क का उपयोग कर रहे हैं,
आज नायब तहसीलदार कसरावद जिला खरगोन ने मास्क की उचित उपयोगिता को इस लेख के माध्यम से समझाने का प्रयास किया है.
मास्क
मैं अपने सरकारी रेस्ट हॉउस से निकलने से पहले काला चश्मा,इस्त्री की हुई ड्रेस,जुते पहन कर निकलने ही वाला होता हूँ कि मेज पर रखा मास्क जिसको N-95 मतलब अच्छी क्वालिटी का,बड़े ही ताव से घूरते हुए कहता है कि भाई अपने को नि पहनेगा क्या? मैं हड़बड़ाहट मैं दौड़ता आकर N-95 मास्क को पुचकार कर कहता हूँ माफ़ करना,तुम्हे न पहन कर मरना है क्या एक तु ही तो है जिसमे ना धूल घुस पाए ना बाहर की हवा,ये कोरोना वायरस क्या चीज है।दूर हेंगर में लटके मेरे पुराने कपड़े के मास्क चुपचाप देखते रहते है।
बाज़ार निकलता हु तो मैं आसपास के लोगो के बीच गौरवान्वित महसुस करता हु। सबको देखता हूं कोई कपड़े के मास्क पहना है तो कोई सर्जिकल मास्क और मैं N-95 टॉप क़्वालिटी का मास्क पहन कर इतराता हूँ।
कोरोना महामारी के पहले तो मैं मुहँ पर रुमाल बांधने पर भी घबराहट महसूस करता था और नोतपे में भी वो गमछे से कोसो दूर रहता था ,गमछे में पहले लगता था कि अरे अपन ये नही पहनते अपने लिए थोड़ी ना है।गर्मी के मौसम में गर्मी लगेगी नही तो ठंड लगेगी क्या?
मजे लो मौसम के….।
लेकिन दुष्ट कोरोना ने क्या पाठ बदला।मुहँ बांधने से कतराने वाला आज सीना चौड़ा कर के बाजार में निकल कर कहता है….देखो मैने मास्क पहना है, देखो-देखो N-95…. जब मेरे पास N-95 मास्क नही था तब मेरे साथी दानदाताओं के दिये हुए कपड़े के मास्क थे वो बेचारे हेंगर में ऐसे लटके है जैसे मैंने उनको चमगादड़ बन जाओ का श्राफ दे दिया हो…।
आजकल किसी से मुलाक़ात होती है तो चेहरा नही देखा जाता अब देखा जाता है कि मास्क कोनसा है।फिर वे मन ही मन एक दूसरे को कोस देते है कि अच्छा इसके पास N-95 मास्क है और सामने वाला कहता है अरे ये कपड़े का मास्क लगाया हुआ है।फलां सोचता होगा कि यार मास्क तो गजब का दिख रहा है N-95 लिखा है,बतख जैसा मुहँ बन रहा है, हो सकता है इसमें से वायरस ना घुसे।
N-95 पहन कर रुस्तम समझने वालों को जो पसीना नाक और मुहँ में आता है वो बेचारा कपडे के बने मास्क पहने व्यक्ति को बता भी नही सकता,झांकी मंडप गिर जाएगा ना।
जैसे हमारे शासन ने मास्क पहन कर रखना(मुहँ ओर नाक)अनिवार्य कर दिया है। उसका नतीजा यह निकला कि जब हमारी सरकारी गाड़ियां सड़को से निकलती है तो जिनके पास हाथ रुमाल या गमछा होता है वो तो जैसे-तैसे रिकवरी कर लेते है लेकिन समस्या खड़ी होती है उनके पास जिनके पास तन पर पहने कपड़ो के अलावा कुछ नही है वो सरकारी गाड़ियों को अपने पास से निकलने पर अपने हाथ से नाक को पकड़ लेते है जैसे हमारी सरकारी गाड़ियां हम गंदी नालियों से निकाल कर ला रहे हो।
कोई-कोई मोटरबाइक सवार तो एक गमछे में दो-दो अपना मास्क बांधने का कर्तव्य का निर्वहन करते है उनको देख के आंसू आ जाते है कि देखो यार हमारे देश का मैनेजमेंट….सोचता हूं मेरे बस में होता तो एक आद रत्न दे देता इनको।
ये कोरोना महामारी में जो सरकार का मास्क पहनने पर फ़रमान जारी हुआ तब से नारी शक्ति से भी आवाज आई कि हम तो पहले ही कह रहे थे कि घर से निकलो तो मुहँ, नाक,चेहरा बांध के निकलो ,हमारे लिए कोई नया नही है सब पुराना फैशन है।
चेहरों की पहचान बदल दी मास्क ने ,पहले कहते थे कि अमुक की नाक लंबी है,नाक चपटी है,होठ पतले है,होठ मोठे है लेकिन अब सब बदल गया हूं।अब कहते है अमुक का मास्क N-95 है,सर्जिकल थ्री लेयर वाला मास्क है,कपड़े का है,बतख जैसा है,बकरी जैसा है,त्रिकोण है और न जाने क्या क्या…. किसी किसी के पास तो बनियान से बने हुए भी मास्क है रंग-बिरंगे..।
खैर, वक़्त बदलने की बात जिसका दिल टूटता है उन लड़कों से सुनी थी और वक़्त बदला है वैसे ये वक़्त करोना ने बदला है लड़को ने नही।
कोरोना का संक्रमण ना फैले इस अवधारणा से शासन ने मास्क पहनना अनिवार्य कर दिए साथ ही उनका रख-रखाव तथा प्रयोग के तरीके भी बताए है।शासकीय और दानदाताओं ने भी हजारों की संख्या में मास्क बनाकर बाटे।सभी मास्क संक्रमण को रोकने के लिए ही होते है।कपड़े का मास्क हो या N-95 या अपना कोई भी गमछा,हाथ रुमाल सभी का उपयोग मास्क के रूप में कर सकते है।
वक़्त जैसा भी हो फिर बदलेगा लेकिन मुझे लगता है हमे अपने जीवन मे मास्क को भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पहन कर रखना जीवन का हिस्सा बनाना पड़ेगा जो कि आवश्यक भी है,यह मास्क हमे अभी कोरोना संक्रमण से तो ओर भी कई बीमारियों से बचाएगा,नाक की जो एलर्जी होती है उससे स्वतः निजात मिल सकती है और भी कुछ जो हमे ओरो को नही देना चाहिए वो मास्क पहन कर रखेंगे तो नही दे पाएंगे।खुद का जीवन बचाने के लिए ओर दुसरो का जीवन बचाने के लिए मास्क पहन कर रखना होगा….. ।
धन्यवाद
–राहुल सोलंकी
नायब तहसीलदार कसरावद जिला खरगोन