खरगोन : धार्मिक आयोजनों को लेकर अपर जिला दंडाधिकार ने जारी किए निर्देश

खरगोन/लोकेश कोचले – धार्मिक कार्यक्रमों एवं त्यौहारों के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव के लिए अपर जिला दंडाधिकारी श्री एमएल कनेल ने प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए है। जारी आदेशानुसार विभिन्न सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित की जाने वाली प्रतिमाओं और ताजिए की ऊंचाई को शासन समाप्त कर दिया है। वहीं पांडालों का आकार भी 30 बाय 45 फीट नियत किया गया है। मूर्तियों को विसर्जन स्थल तक ले जाने के लिए अधिकतम 10 व्यक्तियों के समूह को ही अनुमति होगी। इसके लिए आयोजकों को पृथक से जिला प्रशासन से अनुमति लेना होगी।धार्मिक-सामाजिक आयोजनों में चल-समारोह प्रतिबंधित रहेंगे। विसर्जन के लिए भी चल-समारोह की अनुमति नहीं होगी। साथ ही गरबे के आयोजन भी नहीं हो सकेंगे तथा लाउड स्पीकर रात्रि 10 बजे से प्रातः 6 बजे तक प्रतिबंधित रहेंगे। रावण दहन के पूर्व परंपरागत श्रीराम जी के चल समारोह के प्रतिकात्मक रूप से अधिकतम 21 व्यक्तियों को अनुमति होगी। कार्यक्रम खुले मैदान में फेस मास्क तथा फिजिकल डिस्टेंसिंग की शर्त पर समिति द्वारा पूर्वानुमति संबंधित एसडीएम से प्राप्त करना होगी। रावण दहन कार्यक्रम में 100 व्यक्तियों से अधिक की उपस्थित नहीं रहेगा। वहीं रावण दहन में आतिशबाजी प्रतिबंधित रहेगी।

आदेश का उल्लंघन करने पर होगी दंडात्मक कार्यवाही

प्रत्येक नगर पालिका में केवल एक ही स्थान पर रावण दहन करने के लिए एसडीएम व नपा सीएमओ अपने-अपने क्षेत्र में शांति समिति की बैठक कर समिति के सदस्यों से सहमति लेकर निर्णय लें। 10 वर्ष से कम आयु के बच्चे व 65 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति एवं गर्भवती महिलाएं अतिआवश्यक होेने पर ही घर से बाहर निकले, अन्यथा नहीं। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के घूमते हुए पाया जाता है, तो शहरी क्षेत्र में 100 रूपए व ग्रामीण क्षेत्रों में 50 रूपए का अर्थदंड देना होगा। अपर जिला दंडाधिकारी श्री कनेल ने कहा कि कोई भी व्यक्ति इस आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके विरूद्ध भारतीय दंड विधान की धारा-188 एवं आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 51 से 60 के तथा अन्य सुसंगत अधिनियमों के तहत दंडात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश 10 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रभावशील रहेगा।

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