MP में शराब की होम डिलीवरी की तैयारी : दारू बेचने वाली सरकार है "रामेश्वर शर्मा", कमलनाथ ने साधा निशाना 

मध्यप्रदेश/भोपाल – राज्य सरकार वर्ष 2021-22 के लिए नई आबकारी नीति लाने जा रही हैं। इसका ड्राॅफ्ट लगभग तैयार हो चुका हैं। इसमें शराब की ऑनलाइन बिक्री का प्रस्ताव किया गया है यानी ऑनलाइन ऑर्डर करने पर शराब सीधे घर पहुंच जाएगी। इसके साथ ही दुकानों से खरीदी पर भुगतान का बिल भी अनिवार्य किया जा सकता हैं। फिलहाल यह ड्राॅफ्ट वाणिज्यिक कर व आबकारी मंत्री जगदीश देवड़ा के पास पहुंच चुका हैं। यहां से मंजूरी के बाद इसे मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा। नई नीति को फरवरी में ही मंजूरी देनी होगी, क्योंकि मार्च में नीलामी की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।

लेकिन उस से पहले प्रदेश की सियासत गरमा उठी हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इसको लेकर शिवराज सरकार पर निशाना साधा हैं। दरअसल, सरकार का राजस्व बढ़ाने के लिए पिछले साल कमलनाथ सरकार की विदेशी शराब की ऑनलाइन बिक्री को मंजूरी देने पर खूब आलोचना हुई थी। तब विपक्ष में रहते भाजपा ने कमलनाथ सरकार पर जमकर निशाना साधा था। 

भोपाल के हुजूर से बीजेपी विधायक (अब प्रोटेम स्पीकर) रामेश्वर शर्मा ने यहां तक कह दिया था कि कमलनाथ सरकार, दारू बेचने वाली सरकार हैं। विधायक रामेश्वर शर्मा ने इंदौर में मीडिया से कहा था- हम तो सोच रहे थे कि कमलनाथ सरकार सूबे में निवेश को बढ़ावा देते हुए नए कारखाने खुलवाएगी, युवाओं को रोजगार देगी, नए अस्पताल खोलेगी, किसानों को खाद-बीज मुहैया कराएगी और दूध उत्पादन को बढ़ावा देगी। लेकिन सरकार ने ऑनलाइन दारू (शराब) बेचने का फैसला किया हैं। 

जबकि, भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने आरोप लगाया था – कांग्रेस सरकार बुजुर्गों को घर-घर राशन पहुंचाने की बात कर रही थी, मगर अब तो घर-घर शराब परोसने में लग गई हैं। 

अब शिवराज सरकार के ऑनलाइन शराब बिक्री के इस प्रस्ताव पर कमलनाथ ने भी उसी तरह निशाना साधा हैं। कमलनाथ ने ट्वीट करते हुए लिखा की – एक तरफ़ तो बाते कभी शराबबंदी की, कभी शराब की दुकानो को कम करने की, कभी शराब के ख़ात्मे की लेकिन दूसरी तरफ़ काम निरंतर शराब के व्यवसाय को बढ़ाने का? कभी शराब की दुकाने बढ़ाने का प्रस्ताव और अब होम डिलेवरी की तैयारी? उन्होंने लिखा की – मैं तो शुरू से कहता हूँ कि शिवराज सरकार में लोगों को घर-घर राशन भले ना मिले लेकिन शराब ज़रूर मिलती है। शराब प्रेमी शिवराज सरकार में कोरोना महामारी में भी भले धार्मिक स्थल बंद रहे, व्यापार- व्यवसाय बंद रहे, शादी के आयोजन नहीं हुए, कर्फ़्यू रहा लेकिन शराब की दुकाने देर रात तक निर्बाध रूप से चालू रही।

गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में शराब को लेकर एक माह से सियासत गरमाई हुई हैं। पहले गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के शराब की नई दुकानें खोलने की पैरवी करने के बाद विपक्ष हमलावर हुआ था। 

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