
भोपाल : मध्यप्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है, कांग्रेस एक बार फिर सत्ता में आना चाहती है, जिसको लेकर उनसे अभी से इसकी तैयारियां तेज़ कर दी है। खुद पार्टी चीफ कमलनाथ भी एक्शन मोड़ में आ गए है, वो लगातार नेताओं को एक जुट होकर चुनाव लड़ने के साथ साथ जीत के अलग अलग मंत्र दे रहे है।
इसी बीच खबर है कि कमलनाथ ने 20 अप्रैल को बड़ी बैठक बुलाई है। जिसमें प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व नेता प्रतिपक्ष को बुलाया गया है। बैठक में दिग्विजय सिंह, अरुण यादव अजय सिंह सभी शामिल होंगे। कहा जा रहा है कि इस बैठक में पार्टी नेताओं की जिम्मेदारी को भी तय किया जा सकता है।
दरअसल, पार्टी में इस समय गुटबाजी जबरदस्त तरीके से बढ़ गई है। ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस से जाने के बाद पार्टी के कई बड़े नेता प्रदेश नेतृत्व को ही आइना दिखाते नजर आए है। अजय सिंह और अरुण यादव की नाराजगी बार बार खुलकर सामने दिखी है।
लेकिन, 2018 में एकजुट होकर लड़ी कांग्रेस फिर उसी फॉर्मूले पर 2023 की तैयारी में है। सिंधिया के भाजपा में जाने के बाद बिखरी कांग्रेस फिर अपने आप को एकजुट करने की कवायद में जुट गई है। 2023 के पहले कांग्रेस फिर से अपने एकजुटता वाले फॉर्मूले पर चलकर चुनाव मैदान में उतरने के लिए तैयार हो रही है। जिसकी शुरुआत हालही में कमलनाथ ने चुनाव को लेकर राजनीतिक मामलों की समिति में पार्टी के सभी सीनियर नेताओं को शामिल कर इसकी शुरुआत कर दी है।