
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश में साल 2018 में हुए विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने अपने वचन पत्र में कई घोषणा की थी। इस दौरान कांग्रेस ने वचन पत्र में कई नई योजनाओं को जोड़ा था, जबकि शिवराज शासन में चल रहीं कई योजनाओं में कमलनाथ सरकार ने बदलाव किया था। प्रदेश कांग्रेस सरकार के ये सभी वचन सत्ता में आने से पहले के थे। लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार अपने सारे वचन भूल गई हैं।
बता दे कि शिवराज शासन में एक योजना थी, जिसके तहत सामूहिक विवाह कार्यक्रम में शामिल होने वाले नवविवाहित जोड़ों को पैसे दिए जाते थे। शिवराज सरकार निकाह के लिए 28 हजार रुपए देती थी। परंतु कमलनाथ सरकार ने इसे बढ़ाकर 51 हजार रुपए किया था। लेकिन अब फंड की कमी की वजह से वह पैसे नहीं बांटे जा रहे हैं। इसको लेकर लोग नाराज हैं।