कमलनाथ सरकार के छिंदवाड़ा में हुए 12 हजार करोड़ के विकास कार्यों की खुलेगी फाइल

  मध्यप्रदेश/भोपाल(Bhopal).- :  कमलनाथ(Kamalnath) के गृह जिले छिंदवाड़ा(Chhindwara) में हुए 12 हजार करोड़ के कामकाज की सभी फाइलें शिवराज(Shivraj) सरकार ने तलब कर ली है। अब मंत्रालय में कमलनाथ सरकार के 6  माह के कामकाज की समीक्षा के लिए बनी मंत्रिसमूह की बैठक में यह निर्णय लिया है। बैठक में गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा(Narottam mishra), जल संसाधन मंत्री तुलसी सिलावट(Tulsi silawat) और कृषि मंत्री कमल पटेल(Kamal patel) के साथ ही अधिकारी मौजूद थे। कहा जाता है कि इसमें छिंदवाड़ा में किए गए विकास कार्यों के साथ ही ट्रांसफॉर्मर मरम्मत और बिजली से जुड़े कुछ काम भी हैं, जिनका पूरा रिकॉर्ड तलब किया गया है। इसके साथ ही बैठक में तय हुआ कि किसानों की कर्ज माफी योजना की पूरी जांच कराई जाए। इस दौरान कुछ ऐसे मामले भी सामने आए, जिसमें किसानों को गलत तरीके से लाभ दिया गया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री के हस्ताक्षर युक्त किसान कर्जमाफी के कोरे प्रमाणपत्र रखे गए। यह आरोप लगाया गया कि इसका लोगों ने गलत तरीके से लाभ उठाया है।

जल संसाधन विभाग के ढाई हजार करोड़ के टेंडरों पर रोक

मंत्री समूह की बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि पिछली सरकार में जल संसाधन विभाग के जो लगभग ढाई हजार करोड़ के निर्माण कार्य के टेंडर हुए हैं, उनके एग्रीमेंट करने पर रोक लगाई जाए। सरकार इसके लिए जल्द आदेश जारी कर देगी। बैठक में विभाग के टेंडरों का जो रिकॉर्ड पेश किया गया, उसको देखने के बाद यह निर्णय लिया गया।

बैठक में कई महत्वपूर्ण मामले आए हैं, सबकी जांच शुरू की जा रही है। किसान कर्जमाफी बड़ा घोटाला है। हमारी सरकार इसकी तह तक जाएगी। कर्जमाफी के कोरे प्रमाण पत्र भेजे गए, जो कि ब्लैंक चैक थे। लोगों ने अपनी मर्जी के मुताबिक नाम और राशि भरी। झाबुआ और छिंदवाड़ा को छोड़कर कहीं भी किसानों का 2 लाख का कर्ज माफ नहीं हुआ।

डॉ. नरोत्तम मिश्रा, गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री

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