आपस में भिड़े कैलाश विजयवर्गीय और नरोत्तम मिश्रा! ये है पूरा मामला 

भोपाल : पंडित प्रदीप मिश्रा के आंसुओं पर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। विपक्ष के साथ साथ भाजपा के नेता भी आपस में उलझ रहे है। हालांकि, इसमें किसी का नाम सामने नहीं आया है, लेकिन एक दूसरे के आरोप प्रत्यारोप पर भाजपा के नेता किसी और का नाम लेकर अपने ही नेताओं को जवाब दे रहें है। 

जी हां हम बात कर रहे है भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की। दरअसल, हालही में इस घटना को लेकर कैलाश विजयवर्गीय ने मुख्यमंत्री शिवराज को पत्र लिखकर सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया था। साथ ही ये मांग की थी के प्रशासन के खिलाफ कार्यवाई हो। 

इसी बीच बुधवार को सीहोर के कलेक्टर और एसपी ने पंडित प्रदीप मिश्रा के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। जिसपर कैलाश विजयवर्गीय ने एक नया ट्वीट किया। विजयवर्गीय ने ट्वीट करते हुए लिखा की – यतो धर्मः ततो जयः सनातन धर्म में व्यासपीठ का मान-सम्मान-स्थान सर्वोच्च है, मुख्यमंत्री शिवराज जी के निर्देश पर सीहोर जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने व्यासपीठ से माफ़ी माँगकर अपनी ग़लती स्वीकारी है।

अब कैलाश विजयवर्गीय का ये ट्वीट गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा के एक बयान के जवाब से जोड़कर देखा जा रहा है। बता दे कि पंडित मिश्रा के रोने के बाद गृहमंत्री ने उनसे बात कर सबकुछ ठीक हो जाने का दावा किया था। बावजूद इसके विजयवर्गीय ने सीएम को पत्र लिखा।  इसके बाद गृहमंत्री ने एक और बयान जारी किया। इसमें कमलनाथ के बहाने इंदौरी नेता को अफवाह फैलाने को लेकर इशारों में जवाब दिया था। उन्होंने विजयवर्गीय का नाम नहीं लिया था। लेकिन चूंकी दबाव बनाकर कथा निरस्त कराने की बात विजयवर्गीय ने ही कही थी। नरोत्तम मिश्रा ने भी जवाब उसी अंदाज में दिया कि कथा निरस्त नहीं हुई है माननीय, अफवाह मत फैलाइए।

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