
मध्यप्रदेश/इंदौर : यज्ञ से कोरोना दूर होने वाले मंत्री उषा ठाकुर के बयान को लेकर बीजेपी राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि कई लोगों के अलग अलग मत हैं। यज्ञ भी विज्ञान है ऐसा नही मानना चाहिए कि यज्ञ कोई धर्म हैं। यज्ञ एक विज्ञान है इसे कई लोगों ने सिद्ध किया हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ से वर्षा हुई है क्योंकि लोगों ने कहा कि कोविड की वायरल बीमारी हवा से भी फैल सकती है तो हवा के शुद्धिकरण के लिए यज्ञ किया जा सकता हैं। विजयवर्गीय ने कहा कि मैं उषा ठाकुर जी ने जो कहा मैं उसका विरोध भी नहीं करूंगा और एकदम सहमति प्रदान नही करूंगा क्योंकि एकदम वैज्ञानिक पद्धति से यज्ञ किया जाता और पर्यावरण को उससे लाभ मिलता हैं।
दरअसल, मंत्री उषा ठाकुर ने कुछ दिनों पहले कहा था कि देश में कोरोना वायरस महामारी की तीसरी लहर को रोकने के लिए लोगों को यज्ञ करना चाहिए। उषा ठाकुर ने अपने बयान में कहा था कि, 'सभी लोग पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए यज्ञ करें और दो-दो आहुति डालें। अभी 10, 11, 12 और 13 तारीख को सुबह 10 बजे यज्ञ करें। यज्ञ चिकित्सा है, यह कर्मकांड और अंधविश्वास नहीं है, बल्कि पर्यावरण को शुद्ध करने के लिए चिकित्सा हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ करने से कोरोना की तीसरी लहर भारत को छू भी नहीं पाएगी।
उनके इस बयान के बाद विपक्ष सहित कई लोगों ने इसकी आलोचना की। साथ ही कई सवाल भी खड़े हुए। इसी बीच शुक्रवार को बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने उनके इस बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर अभी समाप्त नहीं हुई की तीसरी लहर की बात अभी से होने लगी हैं। शिवराज सरकार जहां कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की रणनीति बनाने में जुट गई है तो वहीं दूसरी तरफ उनके ही मंत्री अजीबोगरीब बयान दे रहे हैं।