
अनावश्यक खर्च करने के पक्ष में नहीं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा, विभाग के ई-टेंडर पर जताई दूसरी बार आपत्ति
भोपाल: प्रदेश में पंचायतों के ऑडिट कराने की तैयारी है। पंचायतों के ऑडिट का काम जो पिछले साल सिर्फ 1.81 करोड़ रुपए में हुआ था, इस बार उसे 26.05 करोड़ रुपए में कराने की तैयारी है। यह ऑडिट पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग क्लस्टर वार व्यवस्था के तहत कराना चाहता है। उसने ई-टेंडर जारी किए है, लेकिन वित्त विभाग ने इस पर दूसरी बार आपत्ति जताई है।
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने पत्र लिखकर पंचायत मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया को सलाह दी कि वे अनावश्यक खर्च से बचें।
दरअसल, प्रदेश में वर्ष 2015 से 2017 तक क्लस्टर वार मंथली फाइनेंशियल ऑडिट की व्यवस्था रही, लेकिन यह खर्चीली थी और इसमें गड़बड़ियां मिली थी जिसके बाद इसे बंद कर दिया गया।
इसके अलावा 17 सीए फर्मों ने भी पंचायत विभाग के एसीएस मनोज श्रीवास्तव को पत्र लिखकर आपत्तियां बताई है। उनकी यह शर्त है कि वर्ष 2015 से 2017 के बीच काम कर चुकी सीए फर्म ही टेंडर में शामिल हो सकती है।