
- कैबिनेट मंत्री विजय शाह को कार्यक्रम में जानें से रोक, गरमाई सियासत
- भाजपा नेता कुछ भी बोलने को तैयार नहीं, कांग्रेस ने कसा तंज
- आदिवासी मंत्री विजय शाह के साथ पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना
- दिग्विजय सिंह ने मंत्री विजय शाह को दिए दो विकल्प
जबलपुर : शनिवार को केंद्रीय मंत्री अमित शाह जबलपुर आ रहे थे, इसी बीच मध्यप्रदेश में कैबिनेट मंत्री विजय शाह भी शंकरशाह-रघुनाथशाह की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें पुलिस ने रोक दिया और अंदर नहीं जाने दिया गया। प्रोटोकाल का हवाला देते हुए उन्हें प्रतिमा स्थल के पास जाने से केंद्रीय मंत्री की सुरक्षा में लगी स्पेशल टीम ने गेट पर ही रोक दिया।
उन्होंने ये भी कहा कि वे अमर शहीद राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह के वशंज हैं और उन्हें ही प्रतिमा स्थल प्रणाम करने से क्यों रोका जा रहा है? लेकिन विजय शाह की एक न चली, इसके बाद मंत्री शाह ने दूर से ही राजा शंकर शाह रघुनाथ शाह को नमन किया और वापस लौट गए। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें मनाने की काफी कोशिशें की।
कैबिनेट मंत्री विजय शाह को इस तरह रोक देने पर सियासत गरमा गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद जहां भाजपा नेता कुछ भी बोलने को तैयार नही है तो वही कांग्रेस ने इसपर तंज कसा है।
मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह का इस मामले पर बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें लग रहा है कि उनकी बेइज्जती हुई है तो फिर उनके पास दो विकल्प है। पहला यह कि वह स्वयं अपने मंत्री पद से इस्तीफा दे दें। दूसरा मुख्यमंत्री को हटाने की मुहिम में जुट जाएं।
बता कि मध्य प्रदेश सरकार में वन मंत्री विजय शाह के साथ ऐसा पहली बार नहीं हुआ हैं. इससे पहले भी आदिवासी मंत्री विजय शाह के साथ ऐसी घटना हो चुकी हैं। जब उनको राजभवन में भी रोक दिया गया था। विजय शाह मध्य प्रदेश खंडवा जिले की हरसूद विधानसभा से विधायक हैं।