
- 9 घंटे में हवा हुआ ९० प्रतिशत सफाई का दावा
- नगर निगम में ४ माह से चल रहा था नाले, नालियों की सफाई का कार्य
- शहर की आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों में भरा पानी
- निगमायुक्त ने कहा था जहां पानी भरा वहां के अधिकारियों पर होगी कार्रवाई
शहर में रविवार की सुबह से शुरु हुई बारिश दोपहर २ बजे तक लगातार होती रही। हाल ये रहे कि शहर की दर्जन भर कॉलोनियों में जल प्लावन हुआ और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। निगम का दावा था शहर की ९० प्रतिशत नाले, नालियों की सफाई की जा चुकी है लिहाजा कहीं भी पानी नहीं भरेगा। करीब 9 घंटे की बारिश में ही शहर के अधिकांश क्षेत्रों से ही जलभराव के चित्र सोशल मिडिया में वायरल होना शुरु हो गए। नए निगमायुक्त अनूप सिंह ने अपनी बैठकों में ये दावे किए थे कि इस बार कहीं भी पानी भरा तो उस क्षेत्र के संभागीय अधिकारी पर कार्रवाई होगी। अब देखना ये है कि निगमायुक्त अन्य अधिकारियों की तर्ज पर देखने दिखाने की बात करेंगे या जलप्लावन वाले क्षेत्र के अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे।
जबलपुर। हर साल करोड़ों का टैक्स देने वाली जबलपुर की जनता एक बार फिर मूर्ख बनी और मलाईदार पदों पर बैठे अधिकारियों के झूठे आश्वासन फिर फेल साबित हुए। शहर का ऐसा कोई मुख्य मार्ग नहीं था जो किसी कॉलोनी में जाए और वहां जल भराव न दिखे। आधा दर्जन से अधिक कॉलोनियों में ऐसे कई वार्ड हैं जहां हर साल पानी भरता है और इस बार भी भरा। नाले-नालियों की सफाई के नाम पर जो दिखावा किया गया वह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे में एक दिन में चंद घंटों की बारिश ने ही निगम के सभी दावों की पोल खोलकर रख दी है।
हर बार का यही हाल है
जलप्लावन वाले क्षेत्रों के निवासियों से जन संदेश के रिपोर्टर ने चर्चा की तो लोगों का कहना था जिन क्षेत्रों में कभी पानी नहीं भरा वहां भी इस बार सडक़ों पर पानी दिखा। ये हर साल की बात है अधिकारी बस फाइलों में मौका मुआयना करते हैं और जनता के हिस्से ये परेशानी आती है।
सफाई ठेके पर उठ चुके हैं सवाल
नाला, नालियों की सफाई के कार्य ठेके पर किया गया। लाखों का भुगतान हुआ पर जरा सी बारिश में सभी दावे हवा होते दिखे। गौरतलब है कि सफाई ठेके पर कार्मचारियों की संख्या और ठेके के नियम और शर्तों में हुई धांधली को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे थे। इस बारे में निगमायुक्त को भी शिकायत का पत्र दिया गया था जिस पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
अभी भी वक्त है प्लान बना लें
शहर में चंद घंटों की बारिश ने निगम की कार्य प्रणाली पर तो सवाल उठाए ही हैं साथ ही आला अधिकारियों को भी ये संदेश दे दिया है कि मात्र अधिकारियों के आश्वासन से कुछ नहीं होगा। फिलहाल पूरा भादो बाकी है और यदि कुछ देर की इस बारिश में शहर का ये हाल है तो मूसलाधार बारिश में क्या होगा। अधिकारियों को इस बारे में चिंतन करना होगा ताकि पहले से सभी बातों पर मंथन होकर कुछ सार्थक हल निकाले जा सकें।
सदर मुख्य मार्ग में गिरा पेड़
प्राप्त जानकारी के अनुसार शहर में जल भराव की जानकारी फायर ब्रिगेड के पास भी आई जिस पर विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर स्टाफ भी रवाना किया गया। इसके अलावा सदर मुख्य मार्ग में कोठारी ज्वेलर्स के सामने एक विशाल पेड़ गिर गया। इस पेड़ के गिरने से मुख्य मार्ग का यातायात घंटों बाधित रहा जिसे केंट के कर्मचारियों द्वारा पेड़ काटकर हटाने के बाद सुचारू रूप से शुरु कराया गया।
इन स्थानों में भरा पानी
– मालवीय चौक
– सिविक सेंटर
– गौमाता तिराहा
– विजय नगर
– जगदम्बा कॉलोनी
– रद्दी चौकी
– गंगा नगर, गढ़ा
– गलगला बाजार
( इसके अलावा शहर के कई नाले-नालियों में उफान देखा गया। जो सफाई कार्यों की पोल खोलने के लिए काफी हैं।)
जल भराव के क्षेत्रों का जायजा लिया जाएगा
सफाई कार्य बेहतर रुप से किया गया है, रविवार को हुई बारिश में जो परेशानी लोगों को हुई इसकी जानकारी ली जा रही है। जिन क्षेत्रों में भी जल भराव हुआ है वहां का जायजा लिया जा रहा है जो भी संभव होगा तत्काल किया जाएगा।
भूपेन्द्र सिंह/ स्वास्थ्य अधिकारी