जबलपुर : नहर किनारे खेत में भरे पानी में डूबने से 2 मासूमों की मौत 

जबलपुर : नहर किनारे खेत में भरे पानी में डूबने से 2 मासूमों की मौत 

जबलपुर : नहर किनारे खेत में भरे पानी में डूबने से 2 मासूमों की मौत 

  • पाटन के भौरदा गाँव में दर्दनाक हादसा
  • नहर के किनारे खेत में 6-7 फुट पानी भरा था पानी 

 द लोकनीति डेस्क जबलपुर
कहते है किसी भी माँ -बाप के लिए उनके लिए बच्चे ही उनके लिए सबकुछ होते है लेकिन साल 2020 कुछ ऐसा निकल रहा है जैसे सबका अंत करीब है ,कोई मानसिक और आर्थिक रूप से जूझ रहा है तो बहुतों ने अपनों को कोरोना की वजह से खो दिया। जबलपुर में भी विगत पिछले 3 दिनों में 3 मासूम बच्चों की जान चली गई उसमें एक अपहरण और 2 करोड़ की घटना तो स्टेट न्यूज़ में छप चुकी है लेकिन वही पाटन के एक गांव में दो परिवारों ने भी अपने मासूम बच्चे खो दिए। एक की उम्र महज  5 साल तो दूसरे बच्चे की उम्र 8 साल बताई जा रही है। 


क्या है पूरा मामला ??
पाटन के ग्राम भौरदा निवासी संतलाल यादव एवं बलराम कुशवाहां ने बताया कि शाम को जवारा बोने के लिये परिवारजनों के साथ मिट्टी लेने गाॅव से लगभग 1 किमी दूर नहर के किनारे खेत आये थे, साथ में दोनों के बेटे विराज यादव उम्र 8 वर्ष एवं  गोविंद कुशवाहा उम्र 5 वर्ष भी थे, मिट्टी लेने आते समय रास्ते में विराज एवं गोविन्द शौच हेतु रूक गये थे, जो शौच करने के बाद पहुचे तो दोनों को कहा गया कि पूजा करनी है, अच्छे से हाथ मुंह धो कर आओ जो शाम लगभग 5-30 बजे वापस हाथ मुंह धोने गये, लेकिन उसके बाद वापस नहीं लौटे, यह सोचकर कि दोनेां गाॅव मे चले गये होंगे,  पूजा पाठ कर मिट्टी लेकर घर पहुंचे तो विराज एवं गोविंद घर पर नहीं मिले, जिनकी गाॅव मे तलाश की गई। 

गाँव से 60 मीटर दूर नहर किनारे खेत में मिलें दोनों के शव 
 पता न चलने पर जहाॅ से पूजा हेतु मिट्टी लेकर आये थे, उससे गाॅव की तरफ लगभग 50-60 मीटर की दूरी पर नहर के किनारे खेत में 6-7 फुट पानी भरा हुआ था, जिसमे एक स्थान एैसा भी बना था जहाॅ पर लोग बाग हाथ मुंह धोने के लिये जाते रहते है, जाकर देखा तो दोनेा डूबे हुये मृत अवस्था में मिले, पंचनामा कार्यवाही कर शव को पीएम हेतु भिजवाते हुये मर्ग कायम कर विस्तृत जांच की जा रही है।