
जबलपुर अपहरण हत्याकांड : पुलिस की जाँच से असंतुष्ट परिजनों ने की CBI जाँच की माँग
- 15 अक्टूबर को कारोबारी मुकेश लांबा के 13 वर्षीय पुत्र आदित्य का अपहरण के बाद कर दी थी हत्या
- परिजनों का आरोप -पुलिस की लापरवाही से गई मेरे बच्चे की जान
- अपहरण की साजिश में कोई बड़ा चेहरा शामिल है जो कि अब तक पकड़ा नहीं गया
- आरोपी राहुल की मौत के बाद यह पूरा राज दफन हो गया
द लोकनीति डेस्क जबलपुर
जबलपुर से बड़ी खबर सामने आ रही है। जहां संजीवनी नगर क्षेत्र के लांबा परिवार ने अपने 13 वर्षीय बेटे आदित्य के अपहरण और हत्या के मामले को लेकर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए है। उन्होंने कहा -इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही की चलते उनके बेटे की जान चली गई। अपहरण के बाद पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए तत्काल एक्शन नहीं लिया ,पुलिस की जांच सिर्फ़ उनके परिवार के इर्द -गिर्द घूमती रही। अपहरणकर्ता उनके बेटे को 20 घंटे तक शहर के 40 किलोमीटर के रेंज में घूमते रहे लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी। इस अपहरण की साजिश में कोई बड़ा चेहरा शामिल है। जो अब तक पकड़ा नहीं गया। एक आरोपी राहुल की मौत के बाद यह पूरा राज दफन हो गया। परिजनों ने इस पूरे मामलें को लेकर CBI जांच की मांग की है।
ये है पूरा मामला। ….
संजीवनी नगर क्षेत्र में 15 अक्टूबर को कारोबारी मुकेश लांबा के 13 वर्षीय पुत्र आदित्य का अपहरण कर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज मामले में परिजनों ने अपना आक्रोश जताते हुए पुलिस की जांच पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले में मृत बालक के पिता मान से लांबा ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद पुलिस उनके ही परिवार की जांच में जुट गई थी। तत्काल एक्शन नहीं लिए जाने के कारण बालक को बचाने और अपहर्ताओं को पकड़ने में पुलिस पूरी तरह नाकाम रही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अपहरण की साजिश में कोई बड़ा चेहरा शामिल है जो कि अब तक पकड़ा नहीं गया है और एक आरोपी राहुल की मौत के बाद यह पूरा राज दफन हो गया है।
किडनैपर्स बच्चे को लेकर 20 घंटे घूमते रहे सड़को पर, पुलिस को नहीं लगी भनक
घटना की सूचना पाकर यहां पहुंचे मान सिंह ने कहा कि घटना दिनांक को 25 मिनट में ही परिजन थाने पहुंच गए थे और थाने में ही अपहर्ताओं का काल भी आया था। उसके बावजूद पुलिस सक्रिय नहीं हुई और अपनी जांच का दायरा पीड़ित परिवार के इर्द-गिर्द तक सीमित रखा गया। जिससे आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर होते चले गये वहीं परिजनों का इस बात को लेकर भी आक्रोश है कि अपहरणकर्ता लगातार 20 घंटे तक बालक को लेकर सड़कों पर घूमते रहे और पुलिस उनकी लोकेशन का पता नहीं लगा पाई। अगर पुलिस चाहती तो क्षेत्र को छावनी बनाकर अपहर्ताओं को पकड़ा जा सकता था ,लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उनके इकलौते बेटे की जान चली गई।
पुलिस से उठा भरोसा , परिजनों ने की CBI जांच की मांग
मामले की सीबीआई जांच की मांग इस पूरे मामले के बाद मृतक आदित्य के पिता ने इस पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। उनका कहना है कि वह पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं है। जांच अधिकारियों के बदले जाने एवं इस घटना की जांच सीबीआई को सौंपी जाने की मांग मृतक के पिता ने की है। अपहरण कांड में बच्चे की जान जाने के बाद टीआई संजीवनी नगर भुनेश्वरी चौहान और टीआई राकेश तिवारी परिजनों से मिलने उनके घर पहुंचे थे। वहां पर परिजनों ने घटनाक्रम को लेकर आक्रोश जताया। इस दौरान परिवार की महिलाओं ने महिला थानेदार को घेर लिया। इस दौरान महिला अधिकारी से झूमा -झटकी भी हुई खूब आक्रोश झेलने के बाद वे अपना वाहन लेकर वहां से चली गई।
दो आरोपियों पर एनएसए, मकान किया कुर्क
13 वर्षीय बालक का अपहरण कर उसकी हत्या करने वाले आरोपी मलय राय और करण जग्गी पर कलेक्टर कर्मवीर शर्मा ने एनएससी की कार्रवाई की है। इसी के तहत एसडीएम आधारताल ऋषभ जैन और तहसीलदार प्रदीप मिश्रा ने आरोपी के महाराजपुर साईं कॉलोनी स्थित मकान को कुर्क किया है। तहसीलदार के अनुसार इस मकान को खाली कराने का प्रकरण एसडीएम हर्ष दीक्षित के यहां लंबित था। पंजाब नेशनल बैंक से आरोपी द्वारा मकान बनाने के लिए लोन लिया गया था जिसके 832000 रूपये बाकी थे। लेकिन वह किस्त नहीं चुका रहा था। जिसके चलते बैंक ने एसडीएम के यहां प्रकरण दर्ज कराया था। इस प्रक्रिया के तहत आरोपी को मकान खाली करने नोटिस भी जारी किया गया था।