
मध्यप्रदेश/जबलपुर : कोरोना के इलाज में लापरवाही बरतने को लेकर पांच याचिकाएं दर्ज की गई थी, जिसमें सुनवाई करते हुए जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस मोहम्मद रफीक और जस्टिस अतुल श्रीधरन की बेंच ने राज्य सरकार के लिए एक और आदेश जारी किया हैं।
याचिकाकर्ताओं की तरफ से अधिवक्ता विवेक तन्खा, पूर्व महाधिवक्ता शशांक शेखर, संजय वर्मा, शेखर शर्मा उपस्तिथ थे। वही सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके कौरव के साथ अतिरिक्त महाधिवक्ता पुष्पेंद्र यादव उपस्थित थे।
सुनवाई करते हुए हाई कोर्ट ने कहा कि कोरना टेस्ट की संख्या बढ़ाई जाए और रिपोर्ट को 36 घंटे के भीतर देने की हर संभव कोशिश की जाए। वहीं मरीजों को रेमडेसिवीर इंजेक्शन 1 घंटे में उपलब्ध कराया जाए।
कोर्ट ने कहा कि हर जिले के कलेक्टर और सीएमएचओ सरकारी और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक करें और बेड, आईसीयू, रेमडेसिवीर इंजेक्शन और ऑक्सीजन की उपलब्धता के बारे में जानकारी लें और जरूरतों के हिसाब से फैसले भी ले। वहीं, अगर कोई व्यक्ति कोरोना को छोड़ कर किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित है तो उसके इलाज से अस्पताल इनकार नहीं कर सकता।