जबलपुर बना मादक पदार्थों की तस्करी का ‘हॉटस्पॉट’, धुएं के छल्ले उड़ाने में चूर युवा, जिम्मेदार कहां??

जबलपुर : देश का युवा इन दिनों नशे के मेट्रो कल्चर की गिरफ्त में तेज़ी के साथ आ रहा है। नशे के सुरूर में डूबे युवाओं का बड़ा तबका धुएं के छल्ले उड़ाने में चूर नजर आता है। पब, जिम, क्लब, कॉलेज कैंटीन से लेकर हुक्का लाउंज की महफिलें सजने लगी हैं। मामला मध्यप्रदेश के जबलपुर जिले से सामने आया है जहां नस्ल खराब करने वाला नशा तेजी से पैर पसार रहा है।

बड़ी मात्रा में गांजा, स्मैक और डोडा-चूरा खपाया जाता है

बताया जा रहा है कि जबलपुर में बड़ी मात्रा में गांजा, स्मैक और डोडा-चूरा खपाया जाता है। बीते दो वर्षों में जिले में पांच सौ किलो से अधिक गांजा हर साल पकड़ा गया। इस साल अब तक सवा चार सौ किलो की जब्ती बताई गई है। इसी तरह डोडा-चूरा की भी अच्छी खासी मात्रा पकड़ी जा चुकी है। अलग-अलग रूट से हर साल साढ़े आठ सौ ग्राम से अधिक स्मैक की खेप जब्त की गई।

तमाम दावे फैल, नहीं तोड़ पाए नेटवर्क 

हैरानी की बात है कि तमाम दावों के बावजूद जिम्मेदार नशे का नेटवर्क नहीं तोड़ पा रहे। युवाओं को इसकी गिरफ्त से बचाने की कोई कोशिश भी नहीं दिख रही। मादक पदार्थों की तस्करी धड़ल्ले से बढ़ी है। यहां हुक्का लाउंज संचालन पर रोक का आदेश बेअसर है। जबलपुर ही नहीं अंचल के कस्बों-शहरों में भी नस्ल खराब करने वाला नशा तेजी से पैर पसार रहा है।

मादक पदार्थों की तस्करी का बन गया ‘हॉटस्पॉट’

पुलिस कार्रवाई के आंकड़ों पर गौर करें, तो जबलपुर में पिछले दो वर्षों में एनडीपीएस (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस) एक्ट के तहत मादक पदार्थों की तस्करी और इस्तेमाल पर सौ से अधिक मामले दर्ज किए गए। खास बात ये है कि जबलपुर को तस्करी के छत्तीसगढ़ रूट से जोडऩे वाले शहडोल जिले में दो वर्ष में गांजे की डेढ़-डेढ़ दर्जन खेप पकड़ी गई। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि यह क्षेत्र मादक पदार्थों की तस्करी का ‘हॉटस्पॉट’ बन गया है। कहा जा रहा है कि इस वर्ष अभी तक 70 से अधिक प्रकरण बनाए जा चुके हैं। जाहिर है ये वे मामले हैं, जो मुखबिर की सूचना पर पकड़ लिए जाते हैं। बड़ी संख्या में चोरी-छिपे तस्करी के गिरोह तो पकड़े ही नहीं जाते। 

एसपी सिद्धार्थ बहुगुणा ने कही ये बात 
 
बीते एक माह में मादक पदार्थ बेचने वाले कई गिरोह पकड़े गए हैं। ओडिशा से आने वाले गांजे को लेकर अलर्ट है। नशीले इंजेक्शन के रैकेट भी पकड़े गए हैं। पुलिस अधिकारी कॉलेजोंं में जाकर छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद करके नशे से दूर रहने की हिदायत भी देंगे।

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