बड़ा दावा:- भारत के पत्रकारों, नेताओं की इजराइली सॉफ्टवेयर के द्वारा जासूसी, पेगासस सॉफ्टवेयर की ली गई मदद, केंद्र ने किया इनकार

बड़ा दावा:- भारत के पत्रकारों, नेताओं की इजराइली सॉफ्टवेयर के द्वारा जासूसी, पेगासस सॉफ्टवेयर की ली गई मदद, केंद्र ने किया इनकार

 

द लोकनीति डेस्क:गरिमा श्रीवास्तव 

 रविवार को इजरायली सॉफ्टवेयर के द्वारा भारत के पत्रकारों नेताओं की जासूसी करने के बड़े दावे सामने आए.

 देश में 40 से अधिक पत्रकार विपक्ष के नेताओं को केंद्रीय मंत्रियों और एक न्यायाधीश एक होनहार किए जाने का मामला सामने आया. इसका दावा बड़ी मीडिया हाउस ने किया. न्यूज़ पोर्टल द वायर, द गार्जियन, द वाशिंगटन पोस्ट ला मोंद जैसे 16 इंटरनेशनल मीडिया ने यह दावा किया है कि भारतीय पत्रकारों और नेताओं की जासूसी की जा रही है.

 इसके लिए इजरायली खुफिया सॉफ्टवेयर पेगासस की मदद ली गई है.इसके मुताबिक जिन लोगों के फ़ोन की जासूसी की गई है उसमे बड़ी संख्या में कारोबारी और एक्टिविस्ट के 300 से अधिक मोबाइल नंबर शामिल हो सकते हैं हालांकि केंद्र ने इस पूरे मामले को सिरे से ख़ारिज किया है.

 सरकार ने कहा है कि इससे जुड़ा कोई ठोस आधार या सच्चाई नहीं है. भारत अपने सभी नागरिकों के निजता के अधिकार को मौलिक अधिकार के तौर पर सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

 

 

 रिपोर्ट में दावा, इन पत्रकारों के फोन हुए हैक:-

 

 एम के वेणु,

रोहिणी सिह

स्वाति चतुर्वेदी

सिद्धार्थ वरदराजन

 देवी रूपा मित्रा

 स्मिता शर्मा

प्रशांत झा

 औरंगजेब नक्शबंदी

 शिशिर गुप्ता

 सुशांत सिंह

रितिका चोपड़ा

विजेता सिंह

 संदीप उन्नीथन

मनोज गुप्ता

 जे गोपीकृष्णन

सिद्धार्थ सिब्बल

मनोरंजना गुप्ता

परंजॉय गुहा ठाकुरता 

 प्रेम शंकर झा

सैकत दत्ता

 संजय श्याम

जसपाल सिंह हेरन

 रूपेश कुमार सिंह

जानिए क्या है pegasus :-

Pegasus एक स्पाईवेयर सॉफ्टवेयर है. यानी इससे किसी की जासूसी की जा सकती है. इसे इजरायल की एक कंपनी NSO Group ने तैयार किया है. ये कंपनी साइबर वेपन्स बनाने के लिए जानी जाती है. 

Exit mobile version