यह उर्जाधानी देश को करता है रौशन, पर बस्ती में नहीं पहुंच रही बिजली, "शिव राज" में "दीया तले अँधेरा" 

यह उर्जाधानी देश को करता है रौशन, पर बस्ती में नहीं पहुंच रही बिजली, “शिव राज” में “दीया तले अँधेरा” 

सिंगरौली:– सिंगरौली प्रदेश का एक जिला है जहां से पूरे प्रदेश भर में यहां तक कि देश में ऊर्जा का संचालन किया जाता है. पर यह क्या? ऊर्जाधानी के नाम से जाने वाले जिले की बस्ती में बिजली नहीं पहुंच पा रही है. 
 सिंगरौली से उत्पादित 25000 मेगावाट से अधिक बिजली प्रदेश प्रदेश रोशन होता है. पर यहां की बैगा बस्ती बिजली से महरूम है.. 
 बता दे कि बैगा बस्ती में लगभग 40 परिवार रहता है. 
 जब उर्जाधानी की रोशनी से पूरा ऊर्जांचल जगमगा रहा होता है, तो भी बैगा बस्ती में अंधेरा फैला रहता है. 
 पहले यहां सवा सौ से अधिक परिवार रहते थे पर स्थिति इतनी बुरी है कि विस्थापन शुरू हो गया. 

 यहां के लोगों ने अब बिजली आने की उम्मीद भी छोड़ दी है.. बैगा परिवारों को विलुप्त होने वाली प्रजाति में शामिल कर दिया गया है. जिसके चलते सरकार ने बैगा उत्थान योजना शुरू की है. सरकारी योजनाएं तो शुरू कर दी है पर इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंच पाते हैं.. यह बैगा बस्ती कोयला उत्पादक कंपनी एनसीएल द्वारा खड़े किए गए मलबे के पहाड़ और दूसरी तरफ डैम के बीचो बीच बसी हुई है.. 

 कुछ महीने पहले डैम को रोशन करने के लिए खंबे जरूर खड़े किए गए थे, जिसके बाद लोगों ने उम्मीद जताई थी कि बिजली उन तक पहुंचेगी पर सिर्फ खम्भे खड़े किए गए बिजली अब तक नहीं पहुंच पाई. 
 बस्ती की एक महिला ने बताया कि यहां सरकारी राशन की दुकान पर अनाज भी नहीं मिलता और ना ही कोई भी स्वास्थ्य सुविधाएं हैं. पीने का शुद्ध पानी भी उपलब्ध नहीं है..

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