
नई दिल्ली:- दिल्ली के ओल्ड नांगल गांव में किराए के एक छोटे से कमरे में रहने वाली उस पीड़िता बच्ची की कहानी है जो अब इस दुनिया में नहीं है। 9 साल की बच्ची जिसके साथ दुष्कर्म हुआ और बेरहमी से जलाकर उसकी हत्या कर दी गई थी। 1 अगस्त को हुई इस वारदात में आरोपियों ने हत्या के बाद बच्ची की लाश को भी जला दिया था।
बच्ची के माँ-बाप की कहानी
सुबह उठकर कबाड़ बीनते और फिर दिन में पास यहीं पीर बाबा के मजार पर साफ-सफाई का कम करते हैं। जिसके बदले मजार पर आने वाले लोग उन्हें कुछ न कुछ दे देते हैं। इस मुसीबत भरी जिंदगी में उनके लिए खुशी के नाम पर सिर्फ उनकी बेटी ही थी। लेकिन अब वो ख़ुशी ही इस दुनिया में नहीं रही| छोटे से कमरे में जहां भी जगह है वहां कुछ न कुछ रखा है। पीड़िता बच्ची के पिता सुनहरे मोतियों वाली सफेद जूतियां दिखाते हुए सिसकने लगते हैं। कहते हैं कि ‘उसने बहुत खोजकर खरीदी थीं। वो हमारी इकलौती बेटी थी।’ रो-रो थक गई आखों से एकटक देखती मासूम की मां एकाएक फफक पड़ती हैं और सुनहरे मोतियों वाली जूतियां अपने सीने से लगा लेती हैं।
वो कहती थी की मुझे अपनी बेटी को लेकर डर लगा रहता था कि कहीं कोई उसके साथ कुछ गलत न कर दे। मैं लड़कियों के साथ हुई घटनाओं की खबरें सुनकर बहुत डरती थी। इसी डर से मैंने अपनी बेटी को स्कूल भी नहीं भेजा।' लेकिन, उस माँ ने कभी नहीं सोचा था की अपनी बेटी को लेकर यह डर हकीकत में बदल जाएगा|
पांच दिन से जारी है प्रदर्शन
गुड़िया की मौत के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा है। नांगल गांव के लोगों ने मुख्य गेट के बाहर सफेद पंडाल लगवा दिया है, जहां लोग गुड़िया को इंसाफ दिलाने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं। दिल्ली के कोने-कोने से लोग यहां आ रहे हैं। बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी पीड़ित परिवार से मुलाकात की थी।
सामाजिक कार्यकर्ता टीना वर्मा भी यहां आई हुईं थीं। वे कहती हैं, ‘मैं हर गुरुवार को यहां पीर बाबा के मंदिर पर आती थी। ये लड़की मुस्कुराती हुई दिखती थी। बड़ी मासूम सी बच्ची थी, उसके साथ ऐसी दरिंदगी की गई। ये सब कब रुकेगा?
इस तरह की वारदात लगातार रोजाना हमारे देश में हो रही है| ये हैवानियत 9 साल की बच्ची के साथ हुई है, उस मासूम बच्ची ने तो अपना बचपन भी नहीं जिया था| क्या गलती थी उसकी जो उसके साथ ये दरिंदगी हुई| इन मासूम बच्चियों के साथ रोज़ इस तरह की घटना हमे सुनने को मिलती हैं| आखिर क्यों? क्यों महिला सुरक्षित नहीं है हमारे देश में? सरकार कोई ऐसा कानून क्यों नहीं लागू कर देती इन शर्मनाक घटनाओं पर की जब कोई भी आरोपी ये कदम उठाने का सोचे तो उसके कदम ही आगे ना बढ़ पाएं|
सरकार को इस घटना पर कड़े कदम उठाने चाहिए और उस मासूम बच्ची के आरोपियों को सजा मिलनी चाहिए|