
मध्यप्रदेश/इंदौर – बुधवार को ऑल इंडिया ट्रेड यूनियंस (All India Trade Unions) के आह्वान पर भारत बंद (Bharat Band) बुलाया गया था। इस बंद में बैंकों (banks) के भी देशभर के सात लाख कर्मचारी शामिल हैं। दरअसल बैंक कर्मचारी भी अपनी कुछ मांगों को लेकर इस हड़ताल में शामिल हुए। जिसके कारण बैंकों का काम प्रभावित रहा।
बैंक हड़ताल का सबसे ज़्यादा असर मध्यप्रदेश के इंदौर में देखने को मिला। इंदौर के तीन हजार कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हुए। बता दे कि ये सभी बैंक कमचारी बुधवार सुबह10.30 बजे राजबाड़ा के सांठा बाजार में बैंक ऑफ इंडिया के सामने इकट्ठा हुए। उसके बाद रैली के रूप में बोहरा बाजार,बड़ा सराफा, पीपली बाजार, बर्तन बाजार होते हुए बजाजखाना चौक पहुंचे। वहां बैंक यूनियन के नेताओं ने कर्मचारियों की सभा को संबोधित किया।
बताया जा रहा है कि बैंकों की इस हड़ताल से प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में एक लाख 17 हजार करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ हैं। वहीं लोगों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
उधर, ऑल इंडिया बैंक एम्प्लाईज एसोसिएशन के मध्यप्रदेश के अध्यक्ष मोहन कृष्ण शुक्ला ने कहा की हमारे कुछ मांगे है जिसे सरकार काफी समय से नज़रअंदाज़ कर रही हैं। अभी ये एक दिन की सांकेतिक हड़ताल हैं। यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो अब आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
उन्होंने बताया कि हम ठेका प्रथा बंद करने, संविदा, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को नियमित करने,बोनस और और प्रॉविडेंट फंड की अदायगी पर से सभी बाध्यताएं हटाने सहित कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन 21 हजार प्रति माह, एवं खाली पड़े पदों पर शीघ्र भर्ती की मांग कर रहे हैं। परंतु सरकार इसे अनदेखा कर रहीं हैं। यदि जल्दी हमारी मांगे पूरी नहीं होती, तो हम फिर हड़ताल में जाएंगे।