
मध्यप्रदेश/इंदौर- भाजपा कार्यकर्ताओं को नोटिस भेजे जाने पर आगबबूला भाजपा नेताओं को संभागायुक्त के घर के बाहर धरना देना महंगा पड़ गया। इस मामले में पुलिस-प्रशासन ने शनिवार देर रात भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, विधायक रमेश मेंदोला, महेंद्र हार्डिया, नगर अध्यक्ष गोपी नेमा सहित 350 भाजपाइयों पर केस दर्ज किया हैं। ये केस एसपी मोहम्मद युसुफ कुरैशी ने धारा 188 के तहत दर्ज किया हैं।
भाजपाइयों पर FIR दर्ज होने के बाद इस मामले पर सबकी प्रतिक्रिया आई। इस दौरान सबने शासन-प्रशासन का घेराव किया। विधायक रमेश मेंदोला ने कहा कि ये प्रजातांत्रिक अधिकारों का हनन हैं। लोकतंंत्र का गला दबाने का प्रयास किया जा रहा हैं। अधिकारियों से मिलना जनप्रतिनिधियों को अधिकार हैं।
वहीं, सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि अगर जनता और कार्यकर्ताओं की बात रखने पर भी एफआईआर होने लगी तो फिर क्या कह सकते हैं। प्रशासन का यह तरीका गलत हैं।
इसके अलावा नगर अध्यक्ष गोपीकृष्ण नेमा ने कहा कांग्रेस के दबाव में प्रशासन ठीक नहीं कर रहा। इस तरह की कार्रवाई करेंगे तो शासन-प्रशासन को परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना चाहिए।