यूक्रेन में फंसे भारतीय स्‍टूडेंट्स की केंद्र सरकार से अपील, हमें किसी तरह घर पहुंचाइए

इंटरनेशनल डेस्क : केंद्र सरकार ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों को देश वापस लाने की कोशिशें तेज कर दी हैं। सरकार ने यूक्रेन के खारकीव शहर में रह रहे भारतीय नागरिकों से एक फॉर्म भरने की अपील की, ताकि निकासी के काम में तेजी लाई जा सके। 

दरअसल, खारकीव पर रूस की ओर से लगातार गोलाबारी और मिसाइल दागी जा रही है। जबकि, भारत सरकार की ओर से यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव को छोड़ने की अर्जेंट एडवाइजरी के बाद कई स्‍टूडेंट्स पिछले दो दिन से पिसोचिन में हैं। 

स्‍टूडेंट्स का कहना है कि इन्‍होंने दो दिन से कुछ खाया नहीं है, इलाके में भारी बर्फबारी हो रही है और तापमान जमाव बिंदु से भी नीचे माइनस में पहुंच गया है। ऐसी में ये स्‍टूडेंट तमाम परेशानियों को सामना कर रहे हैं। 

बता दे कि युद्ध प्रभावित पूर्वी यूक्रेन में फंसे भारतीय स्‍टूडेंट के एक ग्रुप ने उन्‍हें पश्चिमी सीमा पर ले जाने के लिए मदद की अपील की है, ताकि वे यहां से पड़ोसी देश में प्रवेश कर सकें और वहां से उनकी सुरक्षित घर वापसी संभव हो सके। दूसृरे स्‍टूडेंट ने भी गुहार लगाई-कृपया किसी तरह हमें घर पहुंचाइए। 

गौरतलब है कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी महा युद्ध का आज 10 वां दिन है। रूस लगातार यूक्रेन पर हवाई हमलें कर रहा है। अब रूस ने यूक्रेन के रिहाइशी इलाकों में हमले तेज कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि यूक्रेन में के ईस्टर्न पार्ट खारकीव में कई धमाकों की आवाज सुनी गई है। यूक्रेन मीडिया ने दावा किया है कि थोड़ी देर पहले धमाकों की आवाज सुनी गई। स्थानीय निवासियों को पास के मेट्रो शेल्टर या बंकर में रहने की चेतावनी दी गई है। यूक्रेन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रूस सैन्य ठिकानों के अलावा रिहाइशी इलाकों में भी लगातार हमले कर रहा है।

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