
आजाद भारत में शिक्षा पर हुआ सबसे बड़ा हमला छात्रों की आवाज बुलंद करने वाली जेएनयू में खूनी संघर्ष हमला
शशांक तिवारी की यह रिपोर्ट
ब्रेकिंग न्यूज़ नहीं यह देश को ब्रेक करने वाली खबर है भारत केJNU पर हमला रोड मार कर खोल दिए छात्रों के सर
देश का माहौल बिगड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि जहां छात्र सबसे ज्यादा सरकारों पर सवाल समय-समय पर उठाते रहे हैं और अपनी शिक्षा से विश्व भर में प्रसिद्ध रहा यह विश्वविद्यालय अब खतरे की घंटी में पहुंच गया है यह विश्वविद्यालय अपनी एक अलग छाप छोड़ देता है अब जहां छात्रों को गिरफ्तारी कराई जाती थी अब वहां हिंसा भी होने लगी है |
माना की विचारधाराएं अलग हो सकती है लेकिन यह कोई तरीका तो नहीं जो छात्रों पर हमला किया जाए और हिंसा का उपयोग किया जाए
उठाने वाले छात्रों का विश्वविद्यालय जेन्यू अब खतरे में समझ में आ रहा है यहां आतंकवादी ही कहे जाने वाले नकाबपोश तकरीबन 50 गुंडे आतंकवादी जो आप मान लें कैंपस में घुसते हैं उसी कैंपस पर जहां बिना कोई छात्र या प्रोफेसर के कोई घुस नहीं सकता सूत्रों की मानें तो यह दिल्ली के किसी बड़े नेता का और एबीवीपी की सांठगांठ का ही नतीजा है जिस जेएनयू में अहिंसा का पाठ पढ़ाया जाता है और जहां देश को आतंकवादी भी बताए जाते हैं तरह-तरह की बातें जेएनयू पर सुनने मिलती हैं लेकिन आज वाकई देश शर्मसार हो गया है क्योंकि मीडिया के बाहर योगेंद्र यादव जैसे नेता यह बयान दे रहे हैं कि वाकई देश के लिए सबसे सदमे की यह खबर है
क्योंकि एनडीटीवी के अनुसार एक प्रोफेसर अतुल सूद ने भी कह दिया कि संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हुए हमलावरों ने अब बड़े-बड़े पत्थर फेंके और भी हॉस्टल में घुस गए घटना के बाद छात्र संघ ने एबीवीपी सा के लिए आरोप लगाए हैं वहीं एबीवीपी ने कहा है कि इसके सदस्य प्रमाण पत्र छात्रों ने हमला किया है
सबसे चर्चित विश्वविद्यालयों में से एक जेएनयू में छात्रों को घुसकर रोड से मारा और 15 छात्र एम्स में भर्ती हो चुके हैं
राष्ट्र अब फासीवादी के नियंत्रण में”: राहुल गांधी, जेएनयू हिंसा पर विरोध
जेएनयू हिंसा: जेएनयू छात्र संघ या जेएनयूएसयू के प्रमुख आइश घोष सहित कई छात्र और कई प्रोफेसर हमले में गंभीर रूप से घायल हो गए। जेएनयूएसयू का दावा है कि दिल्ली पुलिस ने हिंसा को रोकने के लिए “कुछ नहीं किया”
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में रविवार शाम को हिंसा भड़क गई। दर्जनों नकाबपोश लोगों ने कैंपस में छात्रों और अध्यापकों पर हमला कर दिया। इसमें विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष आइशी घोष गंभीर रूप से घायल हो गईं।