गीता के साथ पढ़ाएंगे परशुराम और महाराणा प्रताप की जीवनी- इंदर सिंह परमार: वीर सावरकर के पाठ्यक्रम को लेकर हो रही सियासत

भोपाल। मध्यप्रदेश में नई शिक्षा नीति के तहत नए पाठ्यक्रम में स्वातंत्र्य वीर विनायक दामोदर सावरकर समेत भगवद गीता संदेश को शामिल किए जाने पर सिसायत जारी है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसे स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का अपमान बताया है। तो वही कांग्रेस के आरोपों पर शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने पलटवार करते हुए कहा कि एमपी के स्कूलों में वीर सावरकर का पाठ पढ़ाया जाएगा। महान पराक्रमियों को गलत बताया, ऐसे पराक्रमियों को बीजेपी की सरकार पढ़ायेगी। मंत्री परमार कांग्रेस के आरोपों पर भड़के हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कारण देश गुमराह हुआ है। कांग्रेस ने लुटेरों का इतिहास पढ़ाया, कांग्रेस को गांधी जी का इतिहास नहीं मालूम। कांग्रेस ने तो गांधी जी के इतिहास को गलत प्रदर्शित किया, बीजेपी ने गांधी का सही इतिहास पढ़ाया है। मंत्री परमार ने वामपंथी इतिहासकारों को भी चैलेंज किया है कि भारत की खोज वास्कोडिगमा ने नहीं की, भारत के लोग पहले विदेश गए थे। गलत इतिहास पढ़ाया गया है। हम परशुराम जी, महाराणा प्रताप की जीवनी भी पढ़ायेंगे।
कांग्रेस नेता भूपेन्द्र गुप्ता ने कहा कि सरकार ने फैसला लिया है तो इतिहास पूरा पढ़ाये, ताकि बच्चे इतिहास को लेकर गुमराह न हो। उसमें ये भी लिखा जाए कि किस कारण से उन्होंने माफी मांगी थी। जेल से रिहा होने के बाद उन्हें आजादी के आंदोलन में भाग नहीं लिया, अंग्रेज़ों की सेना में भर्ती करने के लिए उन्होंने कैंप लगाए, कोई दिक़्कत नहीं है। पूरा सच दिखाया जाना चाहिए। आधा सच और एक चौथाई सच दिखाकर अगर भ्रामक जानकारी देंगे तो उचित नहीं होगा। आजादी के आन्दोलन इतना लंबा चला लेकिन उनकी क्या भूमिका रही वो भी बताया जाए।





