
भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह अकेले सरकार चला रहे हैं। कोरोना संक्रमण के चलते फिलहाल शिवराज सिंह अपना मंत्रिमंडल नहीं बना पा रहे हैं। जिसके चलते उन पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। लेकिन ताज़ा खबर के मुताबिक शिवराज अपना मंत्रिमंडल बनाने को तैयार हैं। कहा जा रहा है कि अप्रैल के दूसरे पखवाड़े तक वे अपने मंत्रिमंडल का गठन कर लेंगे।
किस को मिलेगी मंत्रिमंडल में जगहें
यह बात भी तय मानी जा रही है कि मंत्रिमंडल के पहले दस स्थान सिंधिया समर्थक विधायकों के लिए तय है, जिनमें प्रभु राम चौधरी, तुलसीराम सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, महेन्द्र सिसोदिया और प्रधुम्न सिंह तोमर शामिल हैं। इसके अलावा राजवर्धन सिंह दत्तीगांव को भी मंत्रिमंडल में जगह मिलेगी। जबकि बिसाहू लाल सिंह ,एन्दल सिंह कंसाना और हरदीप सिंह डंग का भी मंत्री बनना लगभग तय हैं।
बीजेपी के कई दिग्गजों के नाम आगे
बीजेपी के कई कद्दावर नेताओं के लिए स्थान सुरक्षित माने जा रहे हैं जिनमें नरोत्तम मिश्रा, भूपेंद्र सिंह, गोपाल भार्गव, संजय पाठक, अरविंद सिंह भदोरिया, गौरीशंकर बिसेन जैसे दिग्गजों में नाम इस रेस में आगे चल रहे हैं। इसके अलावा भी बीजेपी के कई ऐसे नेता है जिन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया जा सकता हैं।
निर्दलीयों का कटेगा पत्ता
खबरों की मानें तो सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे सपा के राजेश शुक्ला और बसपा के संजीव सिंह कुशवाह व रामबाई व चारों निर्दलीयों में से किसी को भी मंत्री नहीं बनाया जाएगा। इसके अलावा इसमें प्रदीप जायसवाल का नाम भी शामिल है, जो पिछली सरकार में मंत्री थे और दोबारा मंत्री बनने की प्रत्याशा में ही उन्होंने अपना समर्थन शिवराज सरकार को दिया था।
हलांकि अब किसको मंत्रिमंडल में जगहें मिलती है और किसको दूर रखा जाता है ये तो समय ही बताएगा। लेकिन कहा यहीं जा रहा है कि निर्दलीयों को मंत्रिमंडल में शामिल नही किया जाएगा।