जिसने "सच छापा" उसी पर आयकर का "छापा" संसद में मचा बवाल 

नई दिल्ली / भोपाल :सच्चाई के मुद्दे और सरकार के काले चिट्ठे खोलने वाले ” दैनिक भास्कर ” समूह पर आयकर विभाग ने कल छापा मारा , जो की चौथे स्तम्भ के लिए बहुत ही निंद्निय है, एक सच्ची पत्रकारिता करने का क्या यही नतीजा होता है? आयकर विभाग की टीमों ने गुरुवार तड़के से मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र ,गुजरात ,छत्तीसगढ़ और नॉएडा स्थित भास्कर के दफ्तरों व् अन्य परिसरों में करवाई शुरू की, यही नहीं आयकर विभाग की टीम ने भास्कर के प्रोमोटरों और कुछ करमचारियों के घर पर भी पड़ताल की| हालाँकि अभी तक भी आयकर विभाग की ओर से कोई अधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी है |

आयकर विभाग की करवाई के बाद यह मुद्दा सांसद में उठा और हंगामा हो गया, हंगामे के चलते कारवाई को वहीँ रोक दिया गया | वहीँ तमाम राजनीतिज्ञों और आम लोगों नें इसे सच्ची पत्रकारिता और स्वतंत्रता पर हमला बताया है साथ ही तमाम दिग्गज नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर इसका जमकर विरोध  किया है| पिछले 6 महीने में हमने ऐसी कई रिपोर्ट्स देखी हैं जिनमें जनता की आवाज को उठाया गया है और शायद यही इसका नतीजा आज देखने को मिला है | सरकार अपनी काली करतूतों को छुपाने के लिए सच्ची पत्रकारिता को दबाने का प्रयास कर रही है | 

गुरुवार सुबह 4 से 4;30 बजे के बीच आयकर विभाग की करीब 100 लोगों की टीम भास्कर के भोपाल , इंदौर , जयपुर , अहमदाबाद , और नॉएडा स्थित दफ्तरों और कुछ अवासिय परसिरों में पहुँची , साथ ही आयकर विभाग की टीम के साथ CRPF जवान भी मौजूद थे | आयकर विभाग या उसके नीती निर्माण निकाय केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से कारवाई के बारे में देर शाम तक अधिकारिक जानकारी नहीं दी गयी | 

Exit mobile version