
नई दिल्ली – नए कृषि कानूनों के खिलाफ चार राज्यों (पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और यूपी) के किसान पिछले पांच दिनों से दिल्ली की सीमाओं पर जमे हुए हैं। किसानों ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि कृषि क़ानून नहीं बदला तो सरकार का तख़्ता पलट देंगे। किसानों ला कहना है कि सरकार जबतक हमारी बात नहीं सुनते तब तक आंदोलन चलेगा। सरकार नहीं मानी तो और कड़ा कदम उठाएंगे। सरकार को हमारी बात माननी ही पड़ेगी। यह एतिहासिक लड़ाई हैं। हम लंबी लड़ाई के लिए आए हैं।
वहीं, किसानों के विरोध प्रदर्शन पर केंद्र सरकार एक्टिव हो गई हैं। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने 1 दिसंबर यानी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में किसान नेताओं के साथ बैठक बुलाई हैं। ये बैठक दोपहर 3 बजे होनी हैं। इससे पहले किसान हाईवे पर बैठक कर रहे हैं।
इधर, दिल्ली में पंजाब किसान संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी सुखविंदर सब्रन ने कहा है कि देश में किसानों के 500 से अधिक समूह हैं, लेकिन सरकार ने केवल 32 समूहों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया हैं। बाकी को सरकार द्वारा नहीं बुलाया गया हैं। हम तब तक बातचीत नहीं करेंगे, जब तक सभी समूहों को नहीं बुलाया जाता।
जबकि, बैठक से पहले जो संकेत मिल रहे हैं उनमें दोनों ही ओर से कोई झुकने को तैयार नहीं हैं, ऐसे में क्या सिर्फ एक बैठक से मुद्दा हल हो सकेगा इसपर हर किसी की निगाहें हैं।