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प्रदेश में शराब बंद हो जाएगी तो फिर धंधा कैसे चलेगा, राजस्व का मुख्य स्त्रोत है शराब – केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते

जबलपुर : हालही में राजधानी भोपाल में हुई कैबिनेट की बैठक में शिवराज सरकार द्वारा नई आबकारी नीति को मंजूरी देने के बाद से ही प्रदेश में सियासत गरमाई हुई है, जहां एक तरफ कांग्रेस इसको लेकर सरकार के खिलाफ हमलवार हो चली है। तो वहीं दूसरी तरफ नेताओं, मंत्रियों के भी अलग अलग बयान आने शुरू हो गए है। लेकिन अभी भी सबसे बड़ा सवाल यही बना हुआ है कि क्या प्रदेश में शराबबंदी होगी या नहीं?

इसी बीच बुधवार को जबलपुर प्रवास पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते भी पूरी तरह से शराबबंदी के मामलें में निराउत्तर नज़र आए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में शराबबंदी होगी या नहीं इसका उत्तर तो मेरे पास नहीं है पर यह देखा जा रहा है कि आज पूरे प्रदेश में दुनिया में, होटल में इसके बिना नहीं चल पा रहा है इस विषय में पूरी तरह से समझना होगा, पर यह जरूर है कि मध्य प्रदेश सरकार ने नर्मदा किनारे शराब बेचने पर प्रतिबंध लगा रखा है।

इधर, प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती पूर्व में प्रदेश से शराबबंदी की बात कई बार कह चुकी है। उमा भारती ने कहा था कि मध्यप्रदेश में मैं शराबबंदी करवाकर ही रहूंगी। जो मैं कहकर आई हूं…मैं शब्द अब नहीं बदलने वाली, वही शब्द हैं बिल्कुल, आप कह रहे हो वह सही कह रहे हो। आप उसे (स्टेटमेंट के फुटेज) निकाल लो, मेरे शब्द ज्यों के त्यों हैं। उसमें कोई बदलाव नहीं है। 

वहीं, जब उमा भारती के इस बयान पर केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते से सवाल किया गया तो इस पर मंत्री ने कहा कि अगर प्रदेश में शराब बंद हो जाएगी तो फिर धंधा कैसे चलेगा, हां यह जरूर है कि शराब को लेकर कुछ नियम जरूर बनना चाहिए, अगर शराब बंद हो जाएगी तो फिर सरकार को राजस्व कहां से मिलेगा, हर राज्य के राजस्व का एक स्रोत होता है इसी तरह से मध्य प्रदेश में राजस्व का मुख्य स्त्रोत शराब है ऐसे में अगर शराब बंद की जाएगी तो धंधा कहां से होगा।

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