सैकड़ों मुकदमें,तमाम विवाद और चुनाव में तीसरा स्थान – के सुरेंद्रन को केरल बीजेपी की कमान

सैकड़ों मुकदमें,तमाम विवाद और चुनाव में तीसरा स्थान के सुरेंद्रन को केरल बीजेपी की कमान


भारतीय जनता पार्टी के संगठन में आजकल भारी फेरबदल देखने को मिल रहा है। भाजपा के नए अध्यक्ष जेपी नड्डा की ताजपोशी के बाद से ही सूबों में भाजपा के अध्यक्षों को बदला जा रहा है यह सभी निर्णय ​मुख्यता चुनाव के मद्देनजर किए जा रहे हैं। 
के सुरेंद्रन पीएम मोदी के 2001 मे अनुवादक की भूमिका भी अदा कर चुके हैं। 
दक्षिण का किला भेदने की है तैयारी
भाजपा के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने दक्षिण् पर अपना पूरा जोर लगाया था कि पार्टी को वहां मजबूती से स्थापित कर सकें। लेकिन पार्टी अपनी पैंठ जमानें में उतनी सफल नहीं हो सकी थी। 
इसी को लेकर वर्तमान अध्यक्ष जेपी नड्डा ने अपने फायर ब्रांड नेता कें.सुरेंद्रन को केरल की कमान सौंपी है। अब सुरेंद्रन के कंधोें पर केरल में पार्टी को मजबूत करने की जिम्मेदारी होगी।
विवादों से घिरे हैं के.सुरेंद्रन
केरल भाजपा की कमान संभालने वाले के.सुरेंद्रन पर कई गंभीर आरोप लगे हैं उन पर लगभग 240 मुकदमें दर्ज हैं जिसमें दंगा भड़काने शांति व्य​वस्था बिगाड़ने जैसे आरोप हैं । 
केरल के कोझिकोड के रहने वाले  सुरेंद्रन  सबरीमाला केस से सुर्खियों में आए थे जहां उन पर शांति व्यवस्था बिगाड़ने के आरोप लगे हैं। 
लोकसभा चुनाव में रहे थे तीसरे स्थान पर
2019 के लोकसभा चुनाव में सुरेंद्रन ने सौंपे शपथपत्र में अपने ऊपर कुल 240 मुकदमे दर्ज होने की बात स्वीकारी है। 
लोकसभा चुनाव में केरल की पतनमतिट्टा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा जहां उन्हे 295627 वोट मिले और सूची में वह ​तीसरे पायदान पर रहे। 
एस पिल्लई के राज्यपाल बनने से खाली थी सीट
केरल ​बीजेपी के चीफ रहे वी एस श्रीधरन पिल्लई को मेघालय का राज्यपाल बनने से यह पद खाली थौ भविष्य में होने वाले चुनाव के मद्देनजर बीजेपी ने के सुरेंद्रन को यह जिम्मेदारी सौंपी है। 
 

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