Community Transmission Bhopal : कोरोना वायरस संक्रमित बुज़ुर्ग के अंत्येष्टि में शामिल हुए सैकड़ो लोग ,संक्रमण का नहीं था पता ,सोता रहा प्रशासन

भोपाल से गौतम कुमार कि रिपोर्ट 

भोपाल में कोरोना संक्रमित लोगों के आकड़ों में बड़ा इजाफा हो सकता है। और इसके पीछे सबसे बड़ा हाथ होगा एक मरे हुए बुज़ुर्ग का और भोपाल के स्वास्थय विभाग । दरअसल भोपाल में बीते दिनों बुजुर्ग जगन्नाथ मैथिल (Jagannath Maithil) की मौत हो गई थी, उनकी अंत्येष्टि में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए थे। उनकी मौत 9 अप्रैल को हुई थी और अब 12 अप्रैल को उनका कोरोना रिजल्ट पॉजिटिव आया है। यहाँ तक कि हमीदिया अस्पताल प्रशासन को भी इस बात कि भनक नहीं थी। इनका सैंपल पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल प्रशासन सहित अंत्येष्टि में शामिल लोगों के हाथ-पाँव फूल गए हैं। यहाँ तक कि अस्पताल प्रशासन को इलाज़ करते समय इसका शक तक नहीं हुआ कि बुज़ुर्ग कि जांच करवाई जाए।

प्रशासन कि बड़ी लापरवाही आई सामने 

बुज़ुर्ग के सैंपल रिपोर्ट के आने के बाद भोपाल में वायरस संक्रमण से मारने वालों कि संख्या 2 हो गई है। इनकी अंत्येष्टि में कौन-कौन शामिल हुआ था इसका खुलासा अभी तक नहीं हुआ है। लेकिन लॉक डाउन के बावजूद इनके अंत्येष्टि में इतने लोगों के शामिल होने कि इजाजत किसने दी। क्या प्रशासन को इस बात कि खबर नहीं थी और अगर नहीं थी तो क्यूँ नहीं थी? इसे प्रशासन कि लापरवाही नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगें।  

जगन्नाथ मैथिल की 9 अप्रैल को मौत हुई है। उनकी अंत्येष्टि में बरखेड़ी जहांगीराबाद के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए थे। उस समय सभी लोग सोच रहे थे कि दादा बुजुर्ग थे। इस कारण उनकी मौत हो गई।उनकी अंत्येष्टि में जहांगीराबाद स्थित उनके घर से लेकर सुभाषनगर विश्राम घाट तक सैकड़ों लोग पहुंचे थे। साथ ही जिस समय उनका इलाज हमीदिया अस्पताल में चल रहा था, उस समय डॉक्टर और दूसरे स्टाफ को भी उनके कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी नहीं थी। डॉक्टर सामान्य इलाज कर रहे थे। ऐसे में अब 3 दिन के बाद पॉजिटिव रिपोर्ट आई है तो लोगों के साथ अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ में हड़कंप का माहौल है। 

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