होशंगाबाद: ठग ने कॉल करके कहा- आपके फोन-पे पर रिवार्ड्स है, OK करते ही बैंक अकाउंट से कटने लगी राशि

होशंगाबाद/अंजली कुशवाह: मध्य प्रदेश में आये दिन ऑनलाइन ठगी के मामले सामने आ रहे हैं. ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह रोज़ नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं. इस बार भी गिरोह ने ठगी का नया तरीका अपनाया है. अब बगैर OTP, कार्ड या अकाउंट डिटेल मांगे ही लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाने लगे है. फोन-पे, गूगल-पे ऐप के जरिए ठग रिवार्ड्स भेज कॉल करते हैं फिर उस रिवार्ड्स लोगों से ओके कराकर ऑनलाइन खाते से रुपए निकाल रहे हैं. ऐसा ही एक नया मामला होशंगाबाद से सामने आया है. जहाँ सुरक्षा पेपर मिल के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को इस तरीके से ही ऑनलाइन ठगी का शिकार बना लिया हैं. ठगों ने 20 बार में उनके बैंक खाते से 98,900 रुपए निकाल लिए हैं.

फ़ोन पर रिवार्ड्स पर OK  करते ही कटने लगे रूपए

मिली जानकारी के अनुसार बंजारा टाउन फेपरताल निवासी पीड़ित नंदलाल भलावी SPM होशंगाबाद में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है. उन्होंने बताया कि 5 सितंबर को मेरा पोता मेरे मोबाइल से ऑनलाइन क्लास ले रहा था. उसी दौरान मोबाइल पर एक नंबर से कॉल आया और कहा कि आपको फोन पे पर रिवार्ड्स आया है उसे OK कीजिए. पोते ने कॉल आने और रिवार्ड्स की बात मुझे बताकर पोते ने ओके कर दिया. फोन पे पर बार-बार रिवार्ड्स आते रहे और मेरा पोता OK करते गया.

कुछ देर बाद जब मैंने मोबाइल हाथ में लिया. HDFC बैंक बचत खाते से रुपए निकलने के 20 मैसेज थे. जिसमें से 4000, 4800 रुपए के अलग-अलग निकालने के मैसेज थे. यह देख मैं चौंक गया. तुरन्त बैंक खाता सीज करवाया.  खाते से रुपए निकालने के बाद भी सोमवार को बार-बार ठग के कॉल आए, जिसकी शिकायत पीड़ित नंदलाल भलावी ने एसपी ऑफिस, कोतवाली थाने और साइबर सेल शाखा में की है.

 

20 बार में खाते से 98900 रुपए गायब किये

नंदलाल ने बताया कि 20 बार में खाते से 98900 रुपए निकाले गए. ठगी होने के बाद होने के बाद भी उस नंबर से सोमवार को भी हमें बार-बार कॉल आया. मैंने उस कॉल को रिसीव नहीं किया. सोमवार को पीड़ित अपने बेटे, पत्नी के साथ देहात थाना, एसपी आफिस पहुंचा. साइबर शाखा प्रभारी सुरेश फरकले को घटनाक्रम बताया. शिकायत शाखा में लिखित शिकायत की. प्रभारी फरकले ने बताया पीड़ित भलावी मेरे पास आए थे.लिखित शिकायत मिली है. बैंक खाते, स्टेटमेंट, मोबाइल नंबर नोट किए है. मामले की जांच की जा रही है.

लोगों के लिए मुसीबत ऑनलाइन ठगी

बता दें कि कोरोनावायरस के चलते पूरी दुनिया में रिमोट वर्किंग बढ़ गई है. फिजिकल लेन-देन 50% तक घट गया है. इसकी जगह ऑनलाइन ट्रांजेक्शन ने ले ली है. वहीं, ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर अपराधी भी अब ज्यादा सक्रिय हैं. साइबर ठगों ने अब ठगी का अंदाज बदल दिया है. पहले कस्टमर केयर और बैंक अधिकारी बनकर खातों की जानकारी लेने के बाद खाते साफ करने वाले ठगों ने अब अलग-अलग तरीक़े अपनाकर ठगी करना शुरु कर दिया है. इस तरह से सीधे खाते में सेंध लगाई जा रही है और खातों से कई बार में रुपए निकाले जा रहे हैं.

कैसे बचा जा सकता हैं

मीडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, डिजिटल पेमेंट एप्लिकेशन जैसे- गूगल पे, फोन पे, पेटीएम के सबसे ज्यादा फर्जी कस्टमर सपोर्ट नंबर इंटरनेट पर डाले गए हैं, जिससे कस्टमर खुद साइबर अपराधियों तक पहुंच रहे हैं. किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने से और अनजान नंबर से फ़ोन करने वालों की बातों पर भरोसा करने करने से बचना चाहिए. इसके अलावा फ़ोन पे, गूगल पे जैसी एप्स पर डाले जाने वाले खाते में कम से कम अमाउंट रखने के साथ ही हर समय सावधान रहे.

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