हाइप्रोफाइल देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड : गोविंद सिंह पर 30 हजार का इनाम घोषित, सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद एक्शन में पुलिस

मध्यप्रदेश/दमोह – हाइप्रोफाइल देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड के आरोपी बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह परिहार की गिरफ़्तारी करने को लेकर अधिकारियों की कोशिश है कि सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई से पहले गोविंद को गिरफ्तार कर लिया जाए। यहीं कारण है कि शिवराज सरकार ने 5 टीमों का गठन किया है जिसके बाद सभी टीमों ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देते हुए 25 लोगों से पूछताछ की हैं। इतना ही नहीं, सागर आईजी द्वारा आरोपी गोविंद सिंह पर 30 हजार का इनाम घोषित कर दिया गया हैं। जबकि, एडीजी एसटीएफ प्रभारी विपिन माहेश्वरी ने दमोह पहुंच कर गोविंद सिंह की गिरफ्तारी के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। हालांकि, इस संबंध में एडीजी एसटीएफ प्रभारी विपिन माहेश्वरी एवं सागर संभाग के आईजी/डीआईजी मीडिया से कुछ भी बात करने से बचते हुए दिखाई दे रहे हैं।
सुनवाई कर रहे जज ने पुलिस पर लगाए थे गंभीर आरोप
पिछले दिनों मध्य प्रदेश के दमोह में पुलिस पर हटा के द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश ने गंभीर आरोप लगाए थे. कांग्रेस नेता देवेन्द्र चौरसिया हत्याकांड की सुनवाई कर रहे जज आरपी सोनी ने जिला सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखते हुए आशंका जताई थी कि इस मामले में अभियुक्तों के साथ-साथ दमोह पुलिस अधीक्षक द्वारा अपने अधीनस्थों संग उन पर झूठा एवं मनगढ़ंत दबाव बनाया जा रहा हैं। पुलिस अधीक्षक (दमोह) द्वारा अपने अधीनस्थों के साथ मिलकर उनके विरुद्ध भविष्य में गंभीर झूठे आरोप लगाए जा सकते हैं। यही नहींं, भविष्य में उनके साथ कोई भी अप्रिय घटना हो सकती हैं। जबकि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा हटा के द्वितीय अपर सत्र न्यायालय को आदेश दिया गया था कि संबंधित मामले में अभियुक्त की गिरफ्तारी कर कोर्ट में पेश किया जाए, जिसके अंतर्गत हटा एसडीओपी को संबंधित मामले में अभियुक्तों की गिरफ्तारी को लेकर कोर्ट में अपना पक्ष प्रस्तुत करना था।
सुप्रीम कोर्ट ने शिवराज सरकार को लगाई थी फटकार
कांग्रेस नेता देवेंद्र चौरसिया की हत्या के मामले की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही हैं। इस मामले के आरोपी बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह की गिरफ्तारी नहीं होने पर सुप्रीम कोर्ट ने बीती शुक्रवार को मध्य प्रदेश सरकार को कड़ी फटकार लगाई थी। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ और जस्टिस एमआर शाह ने घटनाक्रम पर हैरानी जताई हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार को मानना चाहिए कि वह संविधान के तहत काम नहीं कर रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने देवेंद्र चौरसिया हत्याकांड की सुनवाई करते हुए राज्य के डीजीपी को निर्देश दिए कि बसपा विधायक रामबाई के पति गोविंद सिंह को गिरफ्तार करें।
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद पुलिस हरकत में आई में पुलिस
सुप्रीम कोर्ट की फटकार के बाद शनिवार को दमोह जिले का मोर्चा डीआइजी आरएस डेहरिया ने संभाला। जिन्होंने दमोह के अधिकारियों से चर्चा की। पुलिस अधिकारियों ने विधायक और उनके पति के कुछ करीबियों से पूछताछ की हैं। उनके माध्यम से गोविंद से संपर्क साधने की कोशिश की जा रही हैं। पुलिस को इस मामले में कोर्ट में हलफनामा भी पेश करना हैं। खास बात ये है कि गोविंद सिंह परिहार की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ की तैनाती की गई हैं।




