दमोह उपचुनाव के नतीजों से पहले हाई कोर्ट सख्त, कलेक्टर को दिए ये आदेश

मध्यप्रदेश/दमोह : जबलपुर हाई कोर्ट में दायर एक याचिका की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दमोह उपचुनाव के आने वाले नतीजों से पहले बड़ा फैसला लिया हैं। 

दरअसल, हाईकोर्ट में याचिका जबलपुर के दो वकील पी.सी पालीवाल और उमेश त्रिवेदी ने दायर की थी, इस जनहित याचिका में कहा गया था कि 5 राज्यों के चुनावों सहित दमोह उपचुनाव के प्रचार में कोरोना गाइडलाइन का पालन नहीं किया जा रहा है जिससे कोरोना संक्रमण का फैलाव और खतरा कई गुना बढ़ गया हैं। 

हालांकि, हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल और असम सहित 5 राज्यों में हो रहे चुनावों को अपने क्षेत्राधिकार से बाहर बताते हुए मामले में दखल देने से इंकार कर दिया। लेकिन हाईकोर्ट ने दमोह उपचुनाव में राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग सहित दमोह कलेक्टर को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए हैं। 

बता दे कि कोर्ट ने दमोह चुनाव के परिणामों पर किसी भी तरह का जश्न या रैली निकालने पर पूर्णतः हाईकोर्ट ने प्रतिबंध लगा दिया है कोर्ट ने जीत के जश्न पर पूर्णतः रोक लगाते हुए मतगणना में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

हाईकोर्ट ने दमोह कलेक्टर को आदेश दिया है कि वो 2 मई को दमोह उपचुनाव की मतगणना के दौरान कोविड गाइडलाइन का पूरा पालन करवाएं। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि दमोह में मतगणना स्थल और मतगणना स्थल पर भीड़ न जुटने दी जाए, साथ ही हाईकोर्ट ने कलेक्टर को सख्त आदेश दिये है कि दमोह में उपचुनाव का परिणाम आने के बाद राजनीतिक दलों और नेताओं को विजय जुलूस या रैली नहीं निकालने दी जाए।

इससे पहले मध्यप्रदेश में कोरोना की भयावह स्थिति के बावजूद भी दमोह उप चुनाव हुए थे और जल्दी अब उनके परिणाम आने वाले हैं। ऐसे में हाईकोर्ट सख्त हो गया हैं। बहरहाल अब यह देखने वाली बात होगी कि चुनाव के परिणाम आने के बाद इस आदेश का पार्टियां कितना पालन करती हैं। 

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