
मध्यप्रदेश/भोपाल : मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हमीदिया में रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के मामले में अब जांच के दौरान कई बड़े खुलासे हो रहे हैं। हमीदिया अस्पताल में स्थित सेंट्रल ड्रग स्टोर से लेकर कोविड-19 सेंटर के बीच बड़ी धांधली उजागर हुई हैं। इस मामले में अभी तक 35 लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी के मामले में स्टोर के फार्मासिस्ट पर भी भी शक हैं। पुलिस को रेमडेसिविर इंजेक्शन के 6 डोज दिल्ली में पहुंचने की जानकारी मिली हैं। यह डोज अस्पताल में भर्ती स्टोर के फार्मासिस्ट के साले को दिए गए थे।
वहीं, दूसरी तरफ इस मामले में पुलिस ने अस्पताल के अधीक्षक आईडी. चौरसिया हिरासत में ले लिया हैं। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच पुलिस ने उनसे चोरी के सिलसिले में पूछताछ की हैं। सूत्रों से पता चला है कि क्राइम ब्रांच ने डॉ. आरडी चौरसिया को थाने में बैठाकर रखा। उनसे 5 घंटे से भी ज्यादा समय तक पूछताछ की गई। चौरसिया से एडिशनल एसपी सहित कई पुलिस अधिकारियों ने सवाल-जवाब किया। बताया जा रहा है कि चौरसिया के खिलाफ क्राइम ब्रांच को सबूत मिले हैं। सूत्र बता रहे हैं कि क्राइम ब्रांच को इंजेक्शन का रिकॉर्ड नहीं मिला है। इस मामले में हमीदिया अस्पताल के स्टाफ की मिलीभगत भी उजागर हो रही है।
बता दे कि हमीदिया अस्पताल से रेमडेसिविर इंजेक्शन चोरी होने के मामले में शक की सुई डॉ. चौरसिया पर ही आकर रुकी हैं। आईडी चौरसिया की भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मालूम हो कि चौरसिया अस्पताल के अधीक्षक थे, जिन्हे सोमवार को इस पद से पटाया गया हैं। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच पुलिस ने सोमवार देर रात चौरसिया को हिरासत में ले लिया और उसके बाद पूछताछ शुरू की। उम्मीद है कि क्राइम ब्रांच जल्द ही चोरी के इस पूरे मामले का खुलासा कर सकता हैं। वहीं, सोमवार को डॉ. चौरसिया को पद से हटाकर उनकी जगह डॉ. लोकेन्द्र दवे को अधीक्षक बनाया गया हैं।
इससे पहले भोपाल पुलिस ने स्टोर के फार्मासिस्ट समेत 35 लोगों से पूछताछ की हैं। पूछताछ में 6 रेमडेसिविर इंजेक्शन दिल्ली में भर्ती फार्मासिस्ट के साले को लगने का खुलासा हुआ हैं।