
ग्वालियर : जिला अस्पताल मुरार में 20 बेड के नए बने ICU के लोकार्पण के पांच दिन बाद ही ताला लगा मिला। जब जानकारी जुटाई तो पता लगा कि लोकार्पण के अगले ही दिन यहां ताला लग गया था। खास बात ये है कि ये ICU जिसका लोकार्पण हुआ, वो कोई आम ICU नहीं है। बता दे कि हालही में ग्वालियर दौरे पर आए केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने 14 अक्टूबर को अपने पिता माधवराव सिंधिया के नाम पर बने जिला अस्पताल का लोकार्पण किया था।
लोकार्पण के बाद सिंधिया ने मुरार के लोगों से दावा किया था कि अब उन्हें गंभीर से गंभीर बीमारी में भी बाहर नहीं जाना पड़ेगा, लेकिन किसी को क्या पता था कि पांच दिन बाद ही ICU में ताला लग जायेगा।
इसलिए लगा ताला
जो जानकारी सामने आई उसके मुताबिक ICU को चलाने के लिए ट्रेंड स्टाफ ही नहीं है। एक ICU को संभालने के लिए डॉक्टर, तीन ट्रेंड नर्स व अन्य स्टाफ की जरूरत होती है, पर ICU के लिए स्टाफ की व्यवस्था नहीं हो पाने के कारण यहां ताला लगाना पड़ा है। क्योंकि उसमें इतना सामान लगा है कि उसे खुला नहीं छोड़ सकते, लेकिन इससे आम लोगों में संदेश ठीक नहीं जाता है।
उठा ये बड़ा सवाल
अब सवाल यह उठता है कि जब स्टाफ नहीं था लोकार्पण की इतनी जल्दबाजी क्या थी। वहीं, इस पर कांग्रेस ने भी चुटकी ली है। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा की जैसे उनके मुखिया शिवराज सिंह हमेशा नारियल साथ लेकर चलते है, जब मौका मिला फोड़कर लोकार्पण कर देते हैं। यही अब केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की वह शैली हो गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा की यह पुरानी आदत है। लोकार्पण करने की जल्दबाजी रहती है।