गुना : नेहा पच्चीसिया को मिला लोगों का समर्थन, सीएम हेल्प लाइन पर तबादलें को रद्द करने की उठी मांग

मध्यप्रदेश/गुना – सोमवार को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीसी में खराब प्रदर्शन के चलते गुना जिले की सीएसपी नेहा पच्चीसिया को हटाने के निर्देश दिए थे। इसके बाद अब नेहा पच्चीसिया को उप पुलिस अधीक्षक के रूप में पुलिस मुख्यालय भोपाल में पदस्थ किया गया। अब गुना सीएसपी नेहा पच्चीसिया का तबादला रुकवाने के लिए लोगों में भारी जोश देखने को मिल रहा हैं। लोग सीएम हेल्प लाइन पर कॉल कर उनका तबादलें आदेश वापस लेने की मांग कर रहे हैं।
नेहा पच्चीसिया को महिलाओं का भी भरपूर समर्थन मिल रहा हैं। आए दिन लोग सीएम हेल्पलाइन पर कॉल कर नेहा के तबादलें को रद्द करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का तर्क है कि गुना सीएसपी बनने के बाद नेहा ने तीन थाने में महिला चलित थाने शुरू किए। वह अच्छा कार्य कर रही थीं। फिर अचानक यह कार्रवाई कैसे की गई। एक ने तो सीएम हेल्पलाइन में यहां तक कह डाला कि वीडियो कांफ्रेंस में सीएसपी का नाम नहीं लिया था, लेकिन उनका तबादला गलती से हो गया है इसलिए निरस्त करने की मांग उठाई।
हैरान करने वाली बात ये रही कि गुना जिले की सीएसपी नेहा पच्चीसिया वही है जिन्हें लॉकडाउन के दौरान अप्रैल में मुख्यमंत्री शिवराज द्वारा पहले सम्मानित किया जा चुका हैं।
बता दे कि तबादलें के बाद नेहा पच्चीसिया का एक भावुक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था कि आईजी अविनाश शर्मा इज कल्प्रिट। उन्होंने टीआई पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा है कि टीआई ने मुझे चैलेंज दिया था कि मैं आपको तीन महिने में हटवा दूंगा। नेहा पच्चीसिया का कहना था कि तबादला एक शासकीय प्रक्रिया है, लेकिन गलत फीड बैक भेजकर मुझ पर एक्शन लिया गया है, मैं इसे गलत मानती हूं। जनता से एक बार फीडबैक भी लिया जाना चाहिए था। हालांकि थोड़ी देर बाद उन्होंने पोस्ट हटा दी।
वहीं दूसरी तरफ आईजी ग्वालियर अविनाश शर्मा ने इसे अनुशासनहीनता बताया था। आईजी शर्मा ने कहा कि उन्होंने कभी किसी को परेशान नहीं किया। सीएसपी पच्चिसिया से ही इस बारे में पूछा जाना चाहिए की उन्होंने ऐसा क्यों लिखा। वैसे भी यह मामला अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता हैं। यह मामला विभागीय है इसलिए इस पर वे ज्यादा टिप्पणी नहीं करेंगे।




