
मध्यप्रदेश/भोपाल : मध्य प्रदेश सरकार ने कोरोना संकट को देखते हुए सरकारी कर्मचारियों को वेतन वृद्धि और महंगाई भत्ते के रूप में ₹1 नहीं दिया।वहीं वृत्ति कर के रूप में कर्मचारियों से लगभग 300 करोड रुपए वसूल लिए हैं। ये आरोप सरकारी कर्मचारियों ने लगाया।
बता दे कि प्रदेश में ₹225000 से अधिक वार्षिक वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों से वृत्ति कर वसूल किया जाता हैं। वृत्ति कर के दायरे में वार्षिक वेतन की इस सीमा के कारण प्रथम द्वितीय तृतीय श्रेणी के अलावा प्रदेश के अधिकांश चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी वृत्ति कर देने को मजबूर हैं।
अब सरकारी कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से वृत्ति कर समाप्त करने की मांग की हैं। सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि छत्तीसगढ़ सरकार की तरह मध्य प्रदेश सरकार भी वृत्तिकर समाप्त करे।
वहीं, मध्य प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के प्रदेश सचिव उमाशंकर तिवारी ने बताया 2 साल से कर्मचारियों को ₹1 भी ना देने वाली सरकार ने वृत्ति कर के रूप में मध्य प्रदेश शासन के कर्मचारियों से लगभग 300 करोड़ वसूल लिए हैं 2 साल से मध्य प्रदेश में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA) और वेतन वृद्धि से वंचित करने से कर्मचारियों के ऊपर आर्थिक संकट आया हैं।