केरल में समलैंगिक जोड़े ने रचाई शादी,मान्यता के लिए खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाज़ा

केरल में समलैंगिक जोड़े ने रचाई शादी,मान्यता के लिए खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाज़ा

केरल में समलैंगिक जोड़े ने समाज के डर से सबसे पहले मंदिर में गुप्त तरीके से शादी रचाई और उसके बाद अब शादी की मान्यता पाने के लिए केरल हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है जी हां जोड़ें ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर स्पेशल मैरेट एक्ट 1954 को चुनौती दी है. उसका कहना है कि मैरेज एक्ट के प्रावधान उनकी शादी के रजिस्ट्रेशन की इजाजत नहीं देते हैं. जस्टिस अनुशिवारमण की अदालत ने उनकी याचिका को स्वीकार कर केंद्र और केरल सरकार को नोटिस जारी किया है.

याचिकाकर्ता का क्या है कहना

समलैंगिक जोड़ा नीकेश और सोनू की मुलाकात 2018 में हुई थी. एक-दूसरे से मिलने के बाद दोनों में प्यार हुआ. प्रेम संबंध को आगे बढ़ाने की ख्वाहिश से दोनों ने शादी करने का मन बनाया. लेकिन समाज में लोगो के डर से उन्होंने मंदिर में गुप्त तरीके से शादी रचा ली. अपनी याचिका में उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात का इल्म था कि धार्मिक संस्थान उनकी शादी का सर्टिफिकेट जारी नहीं करेंगे. इसलिए उन्होंने स्पेशल मैरेज एक्ट 1954 के प्रावधानों को चुनने का फैसला किया. उनका दावा है कि स्पेशल मैरेज एक्ट 1954 के प्रावधान समलैंगिक जोड़े के मूल अधिकारों का हनन करते हैं. समान लिंग के बीच शादी को अस्वीकार करना समानता और सम्मान के अधिकारों का उल्लंघन है.

 

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