
नई दिल्ली : पांच राज्यों में कांग्रेस को मिली करारी हार के बाद एक बार फिर पार्टी के कई दिग्गज नेताओं ने नेतृत्व परिवर्तन की मांग उठाई। दिग्गज कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने खुलकर सोनिया गांधी से पद छोड़ने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि अब गांधी परिवार को कांग्रेस नेतृत्व का भार छोड़ देना चाहिए और किसी दूसरे नेता को इसका दायित्व दे देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का जिस तरह पतन हो रहा है, वह मुझसे देखा नहीं जा रहा है, मैं अंतिम सांस तक सबकी कांग्रेस के लिए संघर्ष करता रहूंगा।
कपिल सिब्बल ने कहा कि पार्टी नेतृत्व कोयल की धरती (यानी उन्हें लगता है कि सब कुछ ठीक है,वास्तविकता से उनका वास्ता नहीं होना) में जी रही हैं। 8 सालों से पार्टी के लगातार पतन के बावजूद भी वह नहीं चेत रहे हैं तो यह कांग्रेस के लिए दुर्भाग्य की बात है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस से ऐसे लोगों का पलायन हुआ है जिन्हें नेतृत्व का भरोसा था।
कपिल सिब्बल ने कहा कि, वर्तमान चुनाव परिणाम से मुझे कोई हैरानी नहीं हुई। 2014 से हम लगातार हार रहे हैं, हम एक के बाद एक राज्य हार रहे हैं ,जहां हम सफल हुए, वहां भी हम खुद को एक नहीं रख पाए। 2014 से अब तक लगभग 177 सांसद और विधायक और 222 उम्मीदवार कांग्रेस छोड़ चुके हैं। किसी भी अन्य पार्टी में इतनी बड़ी संख्या में लोग कांग्रेस छोड़कर नहीं गए हैं। कांग्रेस के आदमियों का पलायन आज भी बदस्तूर जारी है।
गौरतलब है कि 2020 में कांग्रेस में सुधार की मांग के साथ ग्रुप 23 नेताओं की एक टोली बनी थी। अब इस ग्रुप के नेता खुलकर नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में शामिल कपिल सिब्बल (Kapil Sibbal) का दर्द छलक गया है, हलांकि उनका कोई सुनने वाला नहीं है।