PMO में mp के 47  शिकायत है पेंडिंग.  mp के ऑफिसर pmo  की ही बात नहीं सुनते. शिकायतों से भरी पड़ी है अंबार

PMO में mp के 47  शिकायत है पेंडिंग. 
mp के ऑफिसर pmo  की ही बात नहीं सुनते.
शिकायतों से भरी पड़ी है अंबार

भोपाल/निकिता सिंह:  हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  और  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भाषणों में तो सरकारी तंत्र के गुड गवर्नेंस का दावा करते रहे हैं लेकिन असल जिंदगी में हकीकत कुछ और ही कहती है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  और  मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने  शिकायतों के लिए  ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिये  नेटवर्क तो बनाया है. लेकिन  समस्या निपटाना तो दूर लॉगिन तक नहीं खोलते .
सीएम  हेल्पलाइन की स्तिथि तो इससे ज्यादा ख़राब है. यहाँ की शिकायतों को बढ़ाना तो  दूर की बात है.ऑनलाइन नेटवर्क  पर मिलने वाली शिकायतों को तो लोग-इन तक नहीं करते।
 
आपको बता दे कि कुछ जगह ऑपरेटर लेवल के स्टाफ को तो id पासवर्ड तक देके रखा  है. योजना के संचालक ने 9 फरवरी को ऐसे 82 अफसरों को चिन्हित कर लिस्ट भी जारी की है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के सीपी ग्राम पोर्टल पर पुरे देश की शिकायते दर्ज है. अभी मध्य प्रदेश की 47, 944 शिकायतें पेंडिंग हैं। इसके लिए पीएमओ ने विभागों के अफसरों को 6 नवंबर 2020 को रिमांइडर भी भेजा लेकिन  इसका कोई भी असर सामने दिखाई नहीं दे रहा.

500 मीटर  सड़क के लिए 35 बार शिकायत कीसीएम हेल्पलाइन  
कोलार के पास वार्ड -83 में  फाइन एवेन्यू फेस-2 में अलीशा विहार  वाली 500 मीटर की सड़क लंबे टाइम से बेहाल है. वह रहने वाले लोगो ने 35 बार सीएम हेल्पलाइन में सड़क को बनवाने के लिए शिकायत की लेकिन अब तक कोई  भी करवाई नहीं की गई. ये सड़क से हर रोज हज़ारो लोग गुजरते है. सड़क ख़राब होने से रोज लोगो को परेशानी होती है. 

गुड गवर्नेंस स्कूल पर हर साल 8 करोड़ रुपए खर्च
हर साल प्रदेश में अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन और नीति विश्लेषण संस्थान (गुड गवर्नेंस स्कूल) काम कर रहा है 13 साल में संसथान ने सरकार को कोई भी सुधर नहीं दिया लेकिन इस संस्थान पर हर साल 8 करोड़ रूपए खर्च किये जाते है  इस पसो में ६० से ज्यादा लोगो को सुख सुविधा पर होने वाले खर्च भी शामिल है. संस्थान योजनाओं के विश्लेषण और विभाग के मैन्युअल बनाने तक सीमित है।
 शिकायतों से भरा पड़ा है जिला.
 सीएम  हेल्पलाइन में सबसे जयादा शिकायत इंदौर की है. 

इंदोर             4660

रीवा              3823 

भोपाल           2646 

सागर             2614

सतना             2545

ग्वालियर         2379 

उज्जैन            2088

Exit mobile version