पीएम मोदी को "पत्र" लिखकर यह क्या कह गए कमलनाथ….! गरमाई सियासत

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश में लगातार कोरोना का कहर बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा हैं। प्रदेश में अब तक कुल 64 मामले सामने आ चुके हैं। जबकि अकेले इंदौर में ही 44 मामले सामने आए हैं। वहीं इन सबके बीच अन्य राज्यों से मजदूरों एवं छात्रों का पलायन देश एवं राज्य सरकारों के लिए संकट का विषय बना हुआ है। केंद्र एवं राज्य सरकारें अपनी तरफ से कोशिश कर रही हैं बावजूद इसके यह पलायन थम नहीं पा रहे।

अब इसको लेकर एक बार फिर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने चिंता जताई हैं। कमलनाथ ने इस विषय को लेकर पीएम मोदी को पत्र लिखा हैं। 

कमलनाथ ने प्रधानमंत्री मोदी से कहा है कि कोरोना की महामारी से निपटने के लिए वह सरकार के साथ हैं किंतु विभिन्न राज्य से पलायन करने वाले मजदूरों एवं छात्रों के सामने इस वक्त भीषण संकट खड़ा हो चुका हैं। 

अपने पत्र में कमलनाथ ने कहा है कि अपने शहर से बाहर रह रहे मजदूर और छात्र को जीवन की बुनियादी सुविधाएं सुविधाएं नहीं मिल पा रही है और ना ही उन्हें कोई भरोसा दिलाने वाला हैं। जिससे उनके मन में स्वाभाविक है और इसलिए वह उन राज्यों से पलायन कर रहे हैं। 

पूर्व मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से यह अपील कि के छात्रों एवं मजदूरों को स्पेशल ट्रेन के जरिए उन लोगों को उनके घर तक पहुंचाया जाए। साथ ही उन्हें 3 माह के राशन के साथ 7500 रुपए प्रतिमाह आर्थिक सहायता दी जाए। कमलनाथ ने आगे अपील की के उन छात्रों एवं मजदूरों को भी भरोसा दिलाया जाए उनके खाने-पीने और रहने का इंतजाम किया जाए और जो लोग इस से ग्रसित नहीं दिखते हैं।

गौरतलब है कि देशभर में 21 दिनों का लॉक डाउन हैं। बसों से लेकर ट्रेनों तक के पहिये थम गए हैं। ऐसे में जो जहां है वो वही का होकर रह गया हैं। जबकि हज़ारो की तादाद में मज़दूर पैदल ही घर जाने को मजबूर हैं। ऐसे में केंद्र समेत राज्यों की सभी सरकारों की चिंता काफी बढ़ी हुई हैं। 

 

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