एनपी प्रजापति ने किया बड़ा खुलासा, बताया किस तरह "राज्यभवन" ने उनपर डाला दबाव, और "गिर गई प्रदेश की सरकार"….!

भोपाल से खाईद जौहर की रिपोर्ट – मध्यप्रदेश में सियासी गर्मी बढ़ती जा रहीं हैं। साल 2020 का मार्च महीने सबको याद रहेगा। ये वहीं महीना है जब प्रदेश में सत्तापरिवर्तन हुआ था। इसी महीने में प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिरी और दोबारा बीजेपी ने यहां सत्ता संभाली। हालांकि ये वो सियासी दौर है जो अब तक नहीं थमा हैं। जहां कांग्रेस ने पहले बीजेपी पर हॉर्स ट्रेडिंग का आरोप लगाया, वहीं अब पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने एक बड़ा बयान देकर प्रदेश की सियासत को और गरमा दिया हैं। 

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एनपी प्रजापति ने राज्यभवन की भूमिका पर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही बीजेपी पर भी जमकर निशाना साधा हैं।

प्रजापति ने राजभवन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए भी कहा है कि सियासी उथल-पुथल के बीच उन पर भी काफी दबाव डाला गया था। जहां राजभवन से रात को 2-3 बजे तक चिट्टियां भेजी जाती थी। वहीं, किसी भी वक्त बंगले का दरवाजा खटखटा दिया जाता था। इसी के साथ कुछ वक़्त के लिए उन पर भी काफी दबाव डाला गया था।

जबकि बीजेपी पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उस समय बीजेपी का पूरा ध्यान कोरोना की रोकथाम पर नहीं बल्कि सरकार गिराने पर था।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना संकटकाल के वक्त कई राज्यों के विधानसभा स्थगित कर दी गई थी जिस पर हमने भी 26 मार्च तक विधानसभा स्थगित करने का निर्णय लिया था। किंतु कोरोना की गंभीरता को नहीं समझते हुए बीजेपी सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। आज प्रदेश में कोरोना कि जो भी हालात है। यह उसी का नतीजा हैं। 

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