हे महाकाल न्याय करो:- कब तक करें संघर्ष, महिला अतिथि विद्वान महाकाल मंदिर में परिक्रमा के दौरान बेसुध होकर गिरीं, "शिव राज" में भी छलावा

हे महाकाल न्याय करो:- कब तक करें संघर्ष, महिला अतिथि विद्वान महाकाल मंदिर में परिक्रमा के दौरान बेसुध होकर गिरीं, “शिव राज” में भी किया छलावा

 भोपाल / गरिमा श्रीवास्तव:- अतिथि विद्वान को अपनी नौकरी के लिए लगातार बुरे दिन देखने पढ़ रहे हैं जब सत्ता में कमलनाथ की सरकार थी तो शिवराज सिंह चौहान धरना स्थल पर पहुंचकर अतिथि विद्वानों से बड़े-बड़े वादे किया करते थे. उन्होंने कहा था कि सत्ता में उनकी सरकार की वापसी होते ही सबसे पहले अतिथि विद्वानों का नियमितीकरण कराया जाएगा.. शिवराज को सत्ता में वापसी करते अब लगभग 1 साल होने वाले हैं पर अतिथि विद्वानों की स्थिति जस की तस है.
कांग्रेस सरकार के द्वारा नौकरी से हटाई गई महिला अतिथि विद्वान  भगवान महाकालेश्वर मंदिर में दंडवत परिक्रमा करते हुए बेसुध होकर गिर पड़ी. 
 बता दे की कमलनाथ सरकार की शोषणकारी नीतियों की वजह से अतिथि विद्वानों को सेवा से बाहर किया गया था.
 वर्तमान मुख्यमंत्री Shivraj कोई भी ध्यान नहीं दे रहे हैं जबकि 16 दिसंबर 2019 को धरना स्थल पर आकर अतिथि विद्वानों को तमाम आश्वासन दिए थे. 
 जाने कब इन अतिथिविद्वानो  का संघर्ष खत्म होगा..?? जाने कब इन्हें न्याय मिलेगा..?? जब इन नेताओं को वोट चाहिए होता है तो यह जनता के बीच पहुंचकर बड़े-बड़े वादे करते हैं पर जब यह चुनाव जीत जाते हैं तो उन्हें अपने सारे वादे भूल जाते हैं.. 
 अतिथि विद्वानों को कमलनाथ की सरकार ने भी छला और शिवराज की सरकार भी लगातार छल रही है… 
 जाने कब इन्हें न्याय मिलेगा… !!

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